रतलाम सराफा बाजार में फिर सोना लेकर फरार हुए कारीगर: दो भाइयों पर 70 ग्राम सोना लेकर गायब होने का आरोप, 11 लाख का माल
रतलाम के सराफा बाजार में कारीगरों के सोना लेकर फरार होने का एक और मामला सामने आया है। चांदनी चौक स्थित श्री आशापुरा ज्वेलर्स के संचालक ने दो कारीगर भाइयों पर करीब 70 ग्राम सोना लेकर फरार होने का आरोप लगाया है। सोने की अनुमानित कीमत करीब 11 लाख रुपए बताई जा रही है। घटना के सामने आने के बाद सराफा बाजार में एक बार फिर कारीगरों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी भाई ज्वेलरी बनाने का काम करते थे और इसी सिलसिले में उनके पास सोना दिया गया था। आरोप है कि काम के लिए लिया गया सोना वापस करने के बजाय दोनों कारीगर अचानक गायब हो गए। संचालक ने काफी तलाश की, लेकिन दोनों का पता नहीं चल सका।
70 ग्राम सोना लेकर गायब होने का आरोप
श्री आशापुरा ज्वेलर्स के संचालक के मुताबिक दोनों कारीगरों को आभूषण तैयार करने के लिए सोना दिया गया था। कुल करीब 70 ग्राम सोने की कीमत लगभग 11 लाख रुपए बताई गई है। निर्धारित समय पर कारीगरों के वापस नहीं आने के बाद संचालक ने उनकी तलाश शुरू की।
जब दोनों भाइयों से संपर्क नहीं हो सका तो मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
रतलाम का सराफा बाजार लंबे समय से सोने-चांदी के आभूषणों के कारोबार का प्रमुख केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में कारीगर ज्वेलर्स के लिए आभूषण तैयार करते हैं। ऐसे में कारोबारियों और कारीगरों के बीच सोने की लेनदेन की व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है।
इससे पहले भी शहर में कारीगरों के सोना लेकर गायब होने के मामले सामने आने की बात कही जाती रही है। नए मामले के बाद कारोबारियों में चिंता बढ़ गई है।
पुलिस कर रही आरोपियों की तलाश
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद दोनों कारीगर भाइयों की तलाश शुरू कर दी है। उनके मोबाइल नंबर, संभावित ठिकानों और बाजार से जुड़े संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों सोना लेकर कहां गए हैं और क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है।
फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि 70 ग्राम सोना लेकर फरार होने के आरोप में आगे क्या कार्रवाई होती है। इस घटना ने सराफा कारोबारियों के बीच कारीगरों को सोना देने से पहले सत्यापन और निगरानी व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है।