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Twisha Sharma Case: CBI जांच में 5 बड़े खुलासे, सैलरी, निवेश और सबूतों को लेकर चौंकाने वाले दावे

 

बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। सीबीआई जांच से जुड़े तथ्यों में वित्तीय लेनदेन, सबूतों की सुरक्षा और गवाहों पर दबाव जैसे गंभीर पहलुओं का उल्लेख किया गया है। मामले में सामने आए पांच बड़े बिंदुओं ने जांच को नई दिशा दे दी है।

1. छह महीने से नहीं मिली थी सैलरी

जांच में सामने आया कि ट्विशा शर्मा को कथित तौर पर पिछले छह महीनों से वेतन नहीं मिला था। यह तथ्य जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसके पीछे की परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है।

2. पति ने उसी कंपनी में किया था भारी निवेश

सीबीआई जांच में यह भी सामने आया कि जिस कंपनी से ट्विशा का संबंध था, उसी में उनके पति समर्थ सिंह ने कथित रूप से बड़ा निवेश किया था। जांच एजेंसियां इस निवेश और पारिवारिक संबंधों के बीच संभावित कड़ियों को खंगाल रही हैं।

3. अहम सबूत 48 घंटे तक निजी कार में रहा

मामले का एक महत्वपूर्ण सबूत कथित तौर पर 48 घंटे तक एक पुलिस अधिकारी की निजी कार में रखा गया था। इस खुलासे ने सबूतों की सुरक्षा और जांच प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

4. मुख्य गवाह पर दबाव डालने का आरोप

जांच में यह भी दावा किया गया है कि मामले के एक प्रमुख गवाह पर बयान बदलने के लिए दबाव बनाया गया। गवाह के साथ कथित मारपीट और धमकी की बात भी सामने आई है, जिसकी अलग से जांच की जा रही है।

5. कई पहलुओं की फिर से जांच

सीबीआई अब मामले से जुड़े सभी घटनाक्रम, सबूतों की हैंडलिंग, वित्तीय लेनदेन और गवाहों के बयानों की दोबारा समीक्षा कर रही है। जांच एजेंसी का मानना है कि इन पहलुओं से मामले की सच्चाई तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

न्यायिक हिरासत में हैं आरोपी

इस मामले में पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश Giribala Singh और उनके बेटे समर्थ सिंह को न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।

पूरे मामले पर टिकी हैं निगाहें

ट्विशा शर्मा केस में लगातार हो रहे खुलासों ने इसे एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। अब सभी की नजर सीबीआई की अगली रिपोर्ट और अदालत में होने वाली सुनवाई पर टिकी हुई है।

फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियां मामले के हर पहलू की गहन पड़ताल कर रही हैं। अंतिम निष्कर्ष अदालत और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट हो पाएंगे।