ट्विशा शर्मा मौत की मिस्ट्री: CBI ने दाखिल की 636 पेज की चार्जशीट, पति और सास पर मानसिक प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप
भोपाल की चर्चित मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने सोमवार को कोर्ट में 636 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। जांच एजेंसी ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया है। दोनों पर मानसिक प्रताड़ना, क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाने समेत गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
CBI की चार्जशीट में दावा किया गया है कि शादी के बाद ट्विशा को कथित तौर पर लगातार मानसिक दबाव, अपमान और भावनात्मक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। जांच में व्हाट्सऐप चैट, कॉल रिकॉर्ड, काउंसलिंग रिपोर्ट, गवाहों के बयान और डिजिटल व फोरेंसिक साक्ष्यों को शामिल किया गया है। जांच एजेंसी ने करीब 150 लोगों से पूछताछ की है।
पति और सास पर गंभीर आरोप
CBI के मुताबिक, ट्विशा और उनके पति के बीच वैवाहिक संबंधों को लेकर लगातार तनाव था। चार्जशीट में गर्भावस्था, आर्थिक मामलों और कथित मानसिक प्रताड़ना से जुड़े कई घटनाक्रम का उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि कथित तौर पर लगातार मानसिक क्रूरता के कारण ट्विशा की मानसिक स्थिति प्रभावित हुई और वह बेहद तनाव में रहने लगी थीं।
चार्जशीट में यह भी दावा किया गया है कि ट्विशा के निवेश को लेकर भी विवाद हुआ था। CBI के अनुसार, उनके डीमैट अकाउंट में करीब 20 लाख रुपए के इक्विटी निवेश थे और आरोपियों की ओर से इस रकम को संयुक्त खाते में ट्रांसफर करने का दबाव बनाए जाने की बात जांच में सामने आई।
गर्भावस्था को लेकर भी सामने आया विवाद
जांच के दौरान गर्भावस्था से जुड़ा विवाद भी सामने आया है। CBI के अनुसार, ट्विशा ने अप्रैल में अपनी गर्भावस्था की पुष्टि होने के बाद काफी तनाव का सामना किया। चार्जशीट में डॉक्टरों से हुई बातचीत और काउंसलिंग का भी जिक्र है। जांच एजेंसी ने दावा किया है कि इस दौरान परिवार की ओर से गर्भावस्था को लेकर अलग-अलग तरह का दबाव बनाया गया था।
CBI ने चार्जशीट में भारतीय न्याय संहिता की धारा 85, 108 और 3(5) के तहत आरोप लगाए हैं। इनमें महिला के साथ क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। दहेज से जुड़े आरोपों को लेकर भी जांच में विभिन्न पहलुओं का उल्लेख किया गया है।
AIIMS मेडिकल बोर्ड ने मौत को आत्महत्या बताया
ट्विशा की मौत के बाद उनके शव का दोबारा पोस्टमार्टम दिल्ली AIIMS के पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने किया था। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक मौत फांसी से हुई और शरीर पर किसी तरह की मारपीट के स्पष्ट निशान नहीं मिले।
ट्विशा का शव 12 मई 2026 को भोपाल स्थित ससुराल में मिला था। शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या बताया गया था, जबकि मायके पक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। बाद में जांच CBI को सौंपी गई।
जांच अभी पूरी नहीं
चार्जशीट दाखिल होने के बावजूद CBI ने कुछ पहलुओं की जांच जारी रखने की बात कही है। एजेंसी की ओर से आगे सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल किए जाने की संभावना भी जताई गई है। ऐसे में आने वाले समय में मामले में और साक्ष्य या तथ्य सामने आ सकते हैं।
फिलहाल 636 पन्नों की चार्जशीट दाखिल होने के बाद ट्विशा शर्मा मौत मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। अब कोर्ट चार्जशीट में लगाए गए आरोपों और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा।