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ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामला: सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने दी सफाई, लगाए गंभीर आरोप

 

भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत से जुड़े मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतका की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर सार्वजनिक रूप से सफाई दी है। इस बयान के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है और जांच के नए पहलुओं पर बहस तेज हो गई है।

सास का बयान: “MTP रोकना चाहती थी ट्विशा”

गिरिबाला सिंह ने दावा किया है कि ट्विशा शर्मा प्रेग्नेंसी टर्मिनेशन (MTP) को रोकना चाहती थी, लेकिन तब तक स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी थी। उनके अनुसार, यह एक निजी और चिकित्सकीय स्थिति से जुड़ा मामला था, जिसे गलत तरीके से अलग दिशा में देखा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि परिवार पर लगाए जा रहे आरोप तथ्यों से परे हैं और मामले को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है।

मानसिक स्थिति पर उठाए सवाल

सफाई देते हुए गिरिबाला सिंह ने ट्विशा शर्मा की मानसिक स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि मृतका साइकेट्रिक काउंसलिंग ले रही थी, और उसकी मानसिक स्थिति स्थिर नहीं थी।

हालांकि, इस दावे को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक मेडिकल दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए गए हैं और जांच एजेंसियां इन सभी बिंदुओं की पुष्टि कर रही हैं।

परिजनों से अंतिम संस्कार की अपील

गिरिबाला सिंह ने ट्विशा के माता-पिता से अपील की है कि वे शव का शीघ्र अंतिम संस्कार करें, ताकि मामले को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि लगातार चल रही जांच और आरोप-प्रत्यारोप से परिवारों पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है।

जांच में नए एंगल की एंट्री

इस बयान के बाद जांच एजेंसियों के सामने कई नए सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या मेडिकल और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारियां पहले से दर्ज थीं और क्या घटना से उनका कोई संबंध है।

SIT का कहना है कि सभी पहलुओं—डिजिटल साक्ष्य, मेडिकल रिकॉर्ड और गवाहों के बयान—को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

परिवार में तनाव, मामला संवेदनशील

इस मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ है। मृतका के परिजन जहां निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं ससुराल पक्ष अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर रहा है।