ट्विशा शर्मा मौत मामला, वीडियो में जाने CBI ने कोर्ट में कहा- आरोपियों ने नहीं दिए वॉयस सैंपल, बचाव पक्ष ने दावे को बताया गलत
अभिनेत्री और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में मंगलवार को भोपाल जिला अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अदालत को बताया कि मामले के दोनों आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह ने अब तक वॉयस सैंपल उपलब्ध नहीं कराए हैं। इसके साथ ही CBI ने यह भी कहा कि भोपाल एम्स (AIIMS) की ओर से अभी तक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है।
CBI ने अदालत को दी जांच की जानकारी
सुनवाई के दौरान CBI ने अदालत को बताया कि जांच के लिए दोनों आरोपियों के वॉयस सैंपल आवश्यक हैं, लेकिन अब तक उन्हें प्राप्त नहीं किया जा सका है। एजेंसी ने यह भी जानकारी दी कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण जांच की कुछ प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं।CBI इस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है और तकनीकी व फोरेंसिक साक्ष्यों को भी जुटाया जा रहा है।
बचाव पक्ष ने CBI के दावे का किया खंडन
वहीं, आरोपी गिरिबाला सिंह के वकील विनोद जॉर्ज करलो ने CBI के दावों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किलों ने कभी भी वॉयस सैंपल देने से इनकार नहीं किया।वकील के अनुसार, जब CBI की टीम जेल पहुंची थी, उस समय गिरिबाला सिंह की तबीयत खराब थी। इसके बावजूद उन्होंने दो बार वॉयस सैंपल देने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि तीसरी बार स्वास्थ्य कारणों से अगले दिन सैंपल लेने का अनुरोध किया गया था, जिसे इनकार नहीं माना जाना चाहिए।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि भोपाल AIIMS की ओर से अभी तक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट CBI को उपलब्ध नहीं कराई गई है। यह रिपोर्ट मामले की जांच में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे मौत के कारणों और परिस्थितियों को लेकर अहम जानकारी मिल सकती है।
जांच जारी, अगली सुनवाई का इंतजार
ट्विशा शर्मा की मौत का मामला शुरुआत से ही चर्चाओं में रहा है। अब CBI इस मामले की जांच कर रही है और अदालत के समक्ष समय-समय पर जांच की प्रगति से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत कर रही है।फिलहाल मामले में जांच जारी है। वॉयस सैंपल, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अदालत में अगली सुनवाई के दौरान जांच की प्रगति पर फिर से समीक्षा की जाएगी।