विश्व बाघ दिवस पर बालाघाट से दुखद खबर: 13 माह के बाघ शावक ‘सूखा’ का शव मिला, गोरा बाघिन का था बेटा
विश्व बाघ दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से वन्यजीव प्रेमियों के लिए दुखद खबर सामने आई है। लालबर्रा वन परिक्षेत्र के सोनवानी क्षेत्र (कक्ष क्रमांक-443) में बुधवार को 13 माह के नर बाघ ‘सूखा’ का शव बरामद किया गया। यह शावक प्रसिद्ध गोरा बाघिन का बेटा था।
वन विभाग के अनुसार, नियमित गश्त के दौरान अधिकारियों को जंगल में बाघ शावक का शव मिला। सूचना मिलते ही वरिष्ठ वन अधिकारी और वन्यजीव विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई गई।
मौत के कारणों की जांच शुरू
वन विभाग ने बताया कि फिलहाल बाघ शावक की मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के बाद ही यह पता चल पाएगा कि उसकी मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य भी जुटाए गए हैं।
वन विभाग अलर्ट
घटना के बाद वन विभाग ने आसपास के क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों की टीम इलाके में लगातार गश्त कर रही है और अन्य बाघों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि सामने आती है तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वन्यजीव संरक्षण के लिए चिंता का विषय
विश्व बाघ दिवस पर एक युवा बाघ की मौत ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रत्येक बाघ का संरक्षण जैव विविधता और जंगलों के पारिस्थितिक संतुलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों की गहन जांच आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
वन विभाग का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बाघ शावक की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।