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वाणी साहित्य उत्सव का आज अंतिम दिन, शशि थरूर करेंगे संविधान पर लिखी किताब का लोकार्पण; कविता और व्यंग्य पर होंगे सत्र

 

वाणी साहित्य उत्सव का आज अंतिम दिन है। उत्सव के समापन दिवस पर साहित्य, भाषा और समकालीन विषयों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान कांग्रेस सांसद और लेखक शशि थरूर संविधान पर लिखी अपनी किताब का लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम में साहित्य प्रेमियों, लेखकों और पाठकों को विचारों के आदान-प्रदान का अवसर मिलेगा।

आयोजन के अंतिम दिन कविता, व्यंग्य और अनुवाद जैसे साहित्यिक विषयों पर विशेष सत्र रखे गए हैं। इन सत्रों में साहित्य की बदलती भूमिका, लेखन की नई शैलियों और अलग-अलग भाषाओं के साहित्य को पाठकों तक पहुंचाने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।

संविधान पर लिखी किताब का होगा लोकार्पण

दिन के प्रमुख आयोजनों में शशि थरूर की संविधान पर आधारित किताब का लोकार्पण शामिल है। थरूर राजनीति के साथ-साथ लेखन और साहित्य के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे हैं। उनकी किताब के जरिए संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और देश की संवैधानिक व्यवस्था से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

इस कार्यक्रम में पुस्तक के विषय और उसके लेखन से जुड़े पहलुओं पर भी बातचीत हो सकती है। साहित्य उत्सव में इस तरह के आयोजन पाठकों को गंभीर विषयों को लेखन के माध्यम से समझने का अवसर देते हैं।

कविता, व्यंग्य और अनुवाद पर होंगे सत्र

अंतिम दिन कविता और व्यंग्य पर होने वाले सत्रों में साहित्य की अभिव्यक्ति और समाज से उसके जुड़ाव पर चर्चा होगी। वहीं अनुवाद से जुड़े सत्रों में भाषाई सीमाओं से आगे बढ़कर साहित्य को नए पाठकों तक पहुंचाने के महत्व पर विचार रखे जाएंगे।

वाणी साहित्य उत्सव के अंतिम दिन होने वाले कार्यक्रमों में साहित्य की विभिन्न विधाओं को एक मंच पर लाने की कोशिश की गई है। आयोजन के जरिए लेखकों, साहित्यकारों और पाठकों को एक-दूसरे से संवाद करने का मौका मिलेगा।उत्सव के समापन के साथ ही कई दिनों से चल रहे साहित्यिक कार्यक्रमों का सिलसिला पूरा होगा।