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उमरिया में शावक के साथ घूम रही बाघिन ने चरवाहे पर किया हमला, भैंसों ने दौड़कर बचाई जान

 

मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर क्षेत्र में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब शावक के साथ घूम रही एक बाघिन ने चरवाहे पर हमला कर दिया। बाघिन के अचानक झपट्टा मारने से चरवाहा घबरा गया और जोर-जोर से चिल्लाने लगा। उसकी आवाज सुनकर आसपास मौजूद भैंसें दौड़कर मौके पर पहुंचीं और बाघिन की तरफ बढ़ गईं। भैंसों को अपनी ओर आता देखकर बाघिन पीछे हट गई, जिससे चरवाहे की जान बच गई।

शावक के साथ घूम रही थी बाघिन

जानकारी के अनुसार, चरवाहा अपने मवेशियों को लेकर पनपथा बफर क्षेत्र के आसपास गया था। इसी दौरान उसकी नजर बाघिन पर पड़ी। बाघिन के साथ उसका शावक भी मौजूद था।

शावक के साथ होने के कारण बाघिन ने चरवाहे को खतरा मानते हुए उस पर हमला कर दिया। बाघिन के झपट्टा मारते ही चरवाहा डर गया और मदद के लिए चिल्लाने लगा।

भैंसों ने बाघिन को दौड़ाया

चरवाहे की आवाज सुनकर उसकी भैंसें उसकी ओर दौड़ीं। भैंसों को तेजी से अपनी तरफ आते देखकर बाघिन पीछे हट गई। इस दौरान चरवाहा सुरक्षित बच गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि भैंसें समय पर वहां नहीं पहुंचतीं तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। घटना के बाद चरवाहा काफी डरा हुआ था।

वन विभाग को दी गई सूचना

घटना की जानकारी वन विभाग को दी गई। इसके बाद अधिकारियों ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की तैयारी शुरू की। वन अमला बाघिन और उसके शावक की गतिविधियों पर नजर रख रहा है।

वन विभाग की ओर से ग्रामीणों और चरवाहों को बफर क्षेत्र में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर ऐसे स्थानों पर जाने से बचने को कहा गया है, जहां बाघिन अपने शावक के साथ देखी गई हो।

शावक के आसपास ज्यादा आक्रामक हो जाती है बाघिन

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, बाघिन अपने शावकों की सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहती है। यदि उसे किसी इंसान या दूसरे जीव से शावक को खतरा महसूस होता है तो वह आक्रामक होकर हमला कर सकती है।

इसी वजह से टाइगर रिजर्व के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को जंगल और बफर क्षेत्र में मवेशी चराने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।