टीआई दिलीप पुरी हत्याकांड: शराब तस्कर राहुल जायसवाल की तीन बसें जब्त, पुलिस खंगाल रही आर्थिक नेटवर्क
टीआई दिलीप पुरी हत्याकांड की जांच में पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ शराब तस्करी से जुड़े कथित आर्थिक नेटवर्क को भी खंगाल रही है। इसी कड़ी में बुधवार को शराब तस्करी नेटवर्क के कथित सरगना राहुल जायसवाल की तीन बसें जब्त की गईं। पुलिस इस कार्रवाई को तस्करी से जुड़े आर्थिक लेन-देन और संपत्तियों की जांच से जोड़कर देख रही है।
जानकारी के अनुसार, जब्त की गई तीन बसों में से दो बसें बिजवाड़ से पकड़ी गईं। इन बसों को कांटाफोड़ थाना परिसर में खड़ा कराया गया। पुलिस ने बसों में सवार यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए दूसरे वाहनों की व्यवस्था की, ताकि कार्रवाई के दौरान यात्रियों को परेशानी न हो।
शराब तस्करी के नेटवर्क की आर्थिक जांच
टीआई दिलीप पुरी हत्याकांड के बाद पुलिस की जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। अब केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं है, बल्कि शराब तस्करी के कथित नेटवर्क से जुड़े आर्थिक पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
राहुल जायसवाल की बसों को जब्त किए जाने को इसी जांच का हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि तस्करी के नेटवर्क में किन लोगों की भूमिका थी और इससे जुड़ी संपत्तियों तथा आर्थिक गतिविधियों का क्या संबंध है।
यात्रियों को दूसरे वाहनों से भेजा गया
बुधवार को जब पुलिस ने बसों को जब्त किया, उस समय उनमें यात्री सवार थे। कार्रवाई के कारण यात्रियों की यात्रा प्रभावित न हो, इसके लिए उन्हें दूसरे वाहनों से उनके गंतव्य तक भेजा गया। इसके बाद बसों को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर थाना परिसर में खड़ा कराया।
जांच के दायरे में अन्य संपत्तियां भी आ सकती हैं
पुलिस अब शराब तस्करी से जुड़े कथित आर्थिक नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है। बसों की जब्ती के बाद यह संभावना है कि जांच में नेटवर्क से जुड़ी अन्य संपत्तियों और लेन-देन की जानकारी भी सामने आए। हालांकि, जब्त बसों के स्वामित्व, तस्करी में उनके कथित इस्तेमाल और आर्थिक नेटवर्क से उनके संबंधों को लेकर विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य हत्याकांड के आरोपियों तक पहुंचने के साथ शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क की पड़ताल करना है।