हरदा में अवैध शराब के तीन वीडियो वायरल, स्कूल के पास बिक्री से लेकर बोलेरो से गांव-गांव सप्लाई के आरोप; आबकारी विभाग पर उठे सवाल
मध्य प्रदेश के हरदा जिले में अवैध शराब के कारोबार से जुड़े तीन वीडियो सामने आने के बाद आबकारी विभाग की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सामने आए वीडियो में कथित तौर पर स्कूल के 100 मीटर के दायरे में शराब बिक्री, किराना दुकानों के जरिए शराब की सप्लाई और बोलेरो वाहन से महिलाओं द्वारा गांव-गांव शराब की पेटियां पहुंचाने के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद जिले में अवैध शराब के नेटवर्क को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि पहला वीडियो एक स्कूल के आसपास का है। इसमें स्कूल से करीब 100 मीटर के दायरे में शराब बेचे जाने का आरोप लगाया गया है। नियमानुसार शैक्षणिक संस्थानों के आसपास शराब की बिक्री को लेकर सख्त नियम हैं। ऐसे में स्कूल के पास शराब बिक्री का मामला सामने आने के बाद जिम्मेदार विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
दूसरे वीडियो में कथित तौर पर किराना दुकानों के माध्यम से शराब की सप्लाई किए जाने का दावा किया गया है। आरोप है कि कुछ दुकानों पर सामान्य किराना सामान के साथ अवैध तरीके से शराब भी उपलब्ध कराई जा रही है। यदि यह आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो यह आबकारी नियमों के उल्लंघन का मामला हो सकता है।
तीसरा वीडियो सबसे ज्यादा चर्चा में है। इसमें एक बोलेरो वाहन के जरिए महिलाओं द्वारा शराब की पेटियां गांवों तक पहुंचाए जाने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि वाहन से शराब की पेटियां उतारकर अलग-अलग स्थानों पर पहुंचाई जा रही हैं। वीडियो में दिखाई देने वाली गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों ने जांच की मांग की है।
तीनों वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि जिले में इस तरह खुलेआम शराब की बिक्री और सप्लाई हो रही है तो विभाग की टीमों को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली। लोगों ने अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है।
हालांकि, वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। वीडियो कब और कहां बनाए गए, इनमें दिखाई दे रहे लोग और वाहन कौन से हैं तथा शराब की बिक्री या सप्लाई वास्तव में अवैध थी या नहीं, इन सभी बिंदुओं की जांच जरूरी है।
मामले में आबकारी विभाग की कार्रवाई का इंतजार है। यदि जांच में अवैध शराब बिक्री और परिवहन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, स्कूलों और ग्रामीण इलाकों के आसपास शराब की अवैध बिक्री रोकना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।