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नदी में नहाने गईं तीन बच्चियों की डूबने से मौत, दो सगी बहनों ने भी गंवाई जान; हरलालपुरा गांव में पसरा मातम

 

मध्यप्रदेश के हरलालपुरा गांव में एक दर्दनाक हादसे में तीन बच्चियों की नदी में डूबने से मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब बच्चियां नहाने के लिए कुंवारी नदी में गई थीं। नहाते समय गहरे पानी में चले जाने से तीनों डूब गईं। मृतकों में दो सगी बहनें भी शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के बाद मृतक बच्चियों के परिवारों में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में शोक का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, हरलालपुरा गांव की तीन बच्चियां कुंवारी नदी में नहाने के लिए पहुंची थीं। गर्मी और खेलकूद के बीच वे नदी में नहाने लगीं। इसी दौरान अचानक वे गहरे पानी की ओर चली गईं और खुद को संभाल नहीं सकीं। देखते ही देखते तीनों बच्चियां नदी में डूबने लगीं।

दो सगी बहनें भी हादसे का शिकार

इस हादसे में जान गंवाने वाली तीन बच्चियों में दो सगी बहनें शामिल हैं। एक ही परिवार की दो बेटियों की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार के लोगों को इस हादसे से गहरा सदमा लगा है। गांव के लोगों के लिए भी यह घटना बेहद दुखद है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। बच्चियों को बचाने के प्रयास किए गए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। तीनों की मौत की खबर सामने आने के बाद गांव में शोक की लहर फैल गई।

नदी में नहाने के दौरान हुआ हादसा

ग्रामीण क्षेत्रों में नदियों और जलाशयों में नहाने के दौरान गहरे पानी में जाने से हादसे होने का खतरा बना रहता है। कई बार नदी की गहराई और पानी के बहाव का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में बच्चे अनजाने में गहरे पानी में चले जाते हैं और डूबने की घटनाएं हो जाती हैं।

कुंवारी नदी में हुए इस हादसे ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खासकर गर्मियों और छुट्टियों के दौरान बच्चे अक्सर दोस्तों के साथ नदी, तालाब और अन्य जलस्रोतों पर नहाने चले जाते हैं। ऐसे में अभिभावकों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

तीन परिवारों में पसरा मातम

तीन बच्चियों की एक साथ मौत से हरलालपुरा गांव में मातम पसरा हुआ है। जिन परिवारों में कुछ समय पहले तक बच्चों की हंसी-खुशी गूंजती थी, वहां अब गम का माहौल है। दो सगी बहनों की मौत ने इस हादसे को और भी दर्दनाक बना दिया है।

यह घटना परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दुख बन गई है। नदी और तालाब जैसे जलस्रोतों के आसपास बच्चों को अकेले जाने से रोकना और नहाने के दौरान वयस्कों की निगरानी सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।