तिघरा बांध का जलस्तर 726 फीट पहुंचा, 38 फीसदी पानी बचा; पेहसारी से पानी शिफ्टिंग शुरू
ग्वालियर में पेयजल संकट की आशंका के बीच तिघरा बांध के जलस्तर पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। तिघरा बांध का जलस्तर करीब 726 फीट तक पहुंच गया है और जलाशय में लगभग 38 फीसदी पानी ही शेष बताया जा रहा है। लगातार घटते जलस्तर के कारण शहर की पेयजल व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी बीच अब पेहसारी बांध से तिघरा में पानी पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
तिघरा बांध ग्वालियर शहर की पेयजल व्यवस्था का प्रमुख स्रोत है। ऐसे में बांध में पानी कम होने का सीधा असर आने वाले दिनों में शहर की जल आपूर्ति पर पड़ सकता है। इससे पहले भी जलस्तर कम होने पर नगर निगम और जल संसाधन विभाग को पानी की सप्लाई में कटौती और वैकल्पिक स्रोतों से पानी लाने की तैयारी करनी पड़ी है।
पेहसारी से तिघरा में भेजा जा रहा पानी
तिघरा में पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए पेहसारी बांध से पानी शिफ्ट किया जा रहा है। तिघरा में पानी लाने के लिए पेहसारी और अन्य जलाशयों को जोड़ने वाली नहर व्यवस्था का इस्तेमाल किया जाता है। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार कम बारिश या तिघरा के कैचमेंट क्षेत्र में पर्याप्त पानी नहीं आने की स्थिति में अपर ककैटो, ककैटो और पेहसारी बांधों से तिघरा में पानी पहुंचाने की व्यवस्था मौजूद है।
हालांकि पेहसारी से पानी तिघरा तक पहुंचाने के दौरान पानी के रिसाव और वाष्पीकरण की समस्या भी सामने आती रही है। पहले भी अधिकारियों के सामने यह चुनौती रही है कि रास्ते में पानी की पर्याप्त मात्रा तिघरा तक पहुंच सके।
जलस्तर कम होने से बढ़ी चिंता
तिघरा बांध की कुल भराव क्षमता करीब 739 फीट बताई जाती है। ऐसे में 726 फीट के आसपास जलस्तर रहने का मतलब है कि बांध अपनी अधिकतम क्षमता से काफी नीचे है। 2024 में भी करीब 726 फीट जलस्तर पर तिघरा में लगभग 39 फीसदी पानी बचा था और उस समय पेहसारी से पानी लाने तथा शहर में जलापूर्ति को नियंत्रित करने की तैयारी की गई थी।
वर्तमान स्थिति में भी अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती तिघरा में उपलब्ध पानी को लंबे समय तक सुरक्षित रखना है। मानसून के दौरान यदि पर्याप्त बारिश होती है तो तिघरा और उससे जुड़े जलाशयों में पानी की स्थिति सुधर सकती है। वहीं बारिश कमजोर रहने पर शहर की जल आपूर्ति को लेकर दबाव बढ़ सकता है।
ग्वालियर की जल व्यवस्था के लिए अहम समय
तिघरा में पानी का स्तर घटने के साथ ही अब पेहसारी से पानी की शिफ्टिंग को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की कोशिश है कि वैकल्पिक जल स्रोतों का इस्तेमाल कर तिघरा में उपलब्ध पानी को सुरक्षित रखा जाए। शहरवासियों से भी पानी की बर्बादी रोकने और जरूरत के मुताबिक ही पानी इस्तेमाल करने की अपील की जा सकती है।
आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति और पेहसारी से तिघरा तक पहुंचने वाले पानी की मात्रा ग्वालियर की पेयजल व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण रहेगी। यदि जलाशयों में पर्याप्त पानी की आवक नहीं होती है तो शहर में पानी की सप्लाई को लेकर नए प्रतिबंध या कटौती की नौबत भी आ सकती है।