भोपाल के दूसरे सबसे लंबे फ्लाईओवर की सड़क बदहाल: सरिए आए बाहर, 2 दिन की बारिश में कई जगह उखड़ा डामर
भोपाल में मध्यप्रदेश के दूसरे सबसे लंबे ब्रिज डॉ. अंबेडकर जीजी फ्लाईओवर की सड़क की गुणवत्ता और रखरखाव पर सवाल खड़े होने लगे हैं। फ्लाईओवर की सड़क से कई जगह सरिए बाहर दिखाई देने लगे हैं। पिछले दो दिनों से हो रही तेज बारिश ने सड़क की हालत और खराब कर दी है। कई स्थानों पर डामर उखड़ गया है और सड़क की ऊपरी परत क्षतिग्रस्त हो गई है।फ्लाईओवर शहर के प्रमुख मार्गों में शामिल है और यहां से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क से सरिए निकलने और डामर उखड़ने के कारण वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
बारिश ने बढ़ाई सड़क की परेशानी
भोपाल में पिछले दो दिनों से लगातार तेज बारिश हो रही है। बारिश का पानी सड़क की सतह पर जमा होने से कई जगहों पर डामर कमजोर होकर उखड़ गया। फ्लाईओवर पर भी कई हिस्सों में सड़क की ऊपरी परत टूटने की स्थिति में पहुंच गई है।कुछ स्थानों पर सड़क के भीतर लगे सरिए बाहर दिखाई दे रहे हैं। तेज रफ्तार से गुजरने वाले दोपहिया वाहनों के लिए ये सरिए विशेष रूप से खतरनाक साबित हो सकते हैं। बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने के कारण क्षतिग्रस्त हिस्से स्पष्ट दिखाई नहीं देने से हादसे का जोखिम और बढ़ जाता है।
शहर की कई सड़कें भी छलनी
सिर्फ जीजी फ्लाईओवर ही नहीं, बल्कि लगातार बारिश के कारण भोपाल की कई अन्य सड़कों की हालत भी खराब हुई है। जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं और कई हिस्सों में सड़क की ऊपरी परत उखड़ गई है।बारिश के पानी से गड्ढों में पानी भर जाने के कारण वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता। इससे खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए परेशानी बढ़ गई है।
निर्माण और गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल
फ्लाईओवर की सड़क से सरिए बाहर आने और डामर उखड़ने की स्थिति ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण और व्यस्त फ्लाईओवर पर सड़क की नियमित जांच और समय पर मरम्मत की जानी चाहिए।स्थानीय लोगों और वाहन चालकों की मांग है कि संबंधित विभाग क्षतिग्रस्त हिस्सों का तत्काल निरीक्षण कर जरूरी मरम्मत कराए, ताकि किसी बड़े हादसे की स्थिति पैदा न हो।
बारिश थमने के बाद भी चुनौती
सड़क की मरम्मत में सबसे बड़ी चुनौती लगातार हो रही बारिश है। डामर का काम सामान्य तौर पर मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर किया जाता है। ऐसे में बारिश कम होने के बाद क्षतिग्रस्त हिस्सों की स्थायी मरम्मत जरूरी होगी।फिलहाल फ्लाईओवर पर निकले सरिए और उखड़े डामर को लेकर वाहन चालकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर रात और बारिश के दौरान इस मार्ग से गुजरते समय धीमी गति रखना सुरक्षित रहेगा।
भोपाल में बारिश ने एक बार फिर शहर की सड़कों की गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था की स्थिति सामने ला दी है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग जीजी फ्लाईओवर समेत शहर की अन्य क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए कितनी जल्दी कार्रवाई करता है।