10 लाख की सड़क 20 दिन भी नहीं टिक पाई! सिंगरौली में पीसीसी सड़क उखड़ी, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
सिंगरौली जिले की चितरंगी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत ओड़नी में बनाई गई पीसीसी सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। रेहड़ा आदिवासी बस्ती में लगभग 10 लाख रुपए की लागत से तैयार की गई यह सड़क निर्माण पूरा होने के कुछ ही दिनों बाद खराब होने लगी है। महज 20 दिन के भीतर ही सड़क कई स्थानों से उखड़ गई, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के समय से ही निर्माण कार्य में अनियमितताओं की आशंका थी। अब सड़क के जगह-जगह से उखड़ने के बाद लोगों का आरोप है कि निर्माण में मानकों का पालन नहीं किया गया और घटिया गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया गया। इससे सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका भी जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क का निर्माण आदिवासी बस्ती के लोगों की सुविधा के लिए कराया गया था, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता खराब होने के कारण यह ज्यादा समय तक टिक नहीं सकी। सड़क टूटने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य तय मानकों के अनुसार किया गया होता तो सड़क इतनी जल्दी खराब नहीं होती। उनका आरोप है कि निर्माण एजेंसी और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण सरकारी धन का सही उपयोग नहीं हो पाया।
मामले के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और पंचायत विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क की तकनीकी जांच कराई जाए और यदि निर्माण में गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
विकास कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सरकार लगातार निर्देश जारी करती रही है, लेकिन इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं निर्माण कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। ऐसे मामलों में समय पर जांच और जवाबदेही तय करना जरूरी माना जा रहा है।
फिलहाल इस मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और वे सड़क का दोबारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और जांच के बाद किन लोगों की जिम्मेदारी तय होती है।