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दतिया कन्या महाविद्यालय में प्राचार्य ने बांधा समां, माइक संभालकर गाया ‘रिमझिम गिरे सावन’; छात्राओं ने की सराहना

 

आमतौर पर किसी कॉलेज में प्राचार्य के हाथ में माइक देखकर छात्राएं भाषण या किसी जरूरी सूचना की उम्मीद करती हैं, लेकिन दतिया के शासकीय कन्या महाविद्यालय में शुक्रवार को नजारा कुछ अलग ही देखने को मिला। यहां प्राचार्य डॉ. संगीता भटनागर ने मंच संभाला और अपने अंदाज से पूरे माहौल को खुशनुमा बना दिया।

कार्यक्रम के दौरान जब प्राचार्य ने माइक हाथ में लिया तो छात्राओं को लगा कि वे संबोधन करेंगी, लेकिन उन्होंने अचानक गीत गाना शुरू कर दिया। उनकी आवाज में मशहूर गीत ‘रिमझिम गिरे सावन, सुलग-सुलग जाए मन…’ गूंजा तो पूरा परिसर तालियों से गूंज उठा।

प्राचार्य के गीत ने जीता छात्राओं का दिल

डॉ. संगीता भटनागर ने जैसे ही गीत की शुरुआत की, कार्यक्रम में मौजूद छात्राएं और शिक्षक भी उत्साहित हो गए। प्राचार्य के इस अनोखे अंदाज ने सभी को हैरान कर दिया।

छात्राओं ने न सिर्फ उनके गीत का आनंद लिया बल्कि तालियां बजाकर उनका उत्साह भी बढ़ाया। कॉलेज परिसर में कुछ देर के लिए औपचारिक माहौल की जगह सांस्कृतिक और मनोरंजक वातावरण बन गया।

पढ़ाई के साथ रचनात्मकता पर जोर

शासकीय कन्या महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य का यह रूप छात्राओं के लिए प्रेरणादायक रहा। उन्होंने अपने अंदाज से यह संदेश दिया कि शिक्षा संस्थानों में पढ़ाई के साथ-साथ कला, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों को भी बढ़ावा देना जरूरी है।

कॉलेज के शिक्षकों का कहना है कि ऐसे आयोजन छात्राओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद करते हैं और उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है।

सोशल मीडिया पर भी चर्चा

प्राचार्य के गीत गाने का वीडियो अब चर्चा का विषय बन गया है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने वीडियो रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।

लोग डॉ. संगीता भटनागर के इस सहज और अलग अंदाज की तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों ने कहा कि एक शिक्षक और प्राचार्य का ऐसा व्यक्तित्व छात्रों के साथ बेहतर जुड़ाव बनाने में मदद करता है।

छात्राओं के लिए यादगार पल

कॉलेज की छात्राओं के लिए यह पल यादगार बन गया। उन्होंने कहा कि अक्सर प्राचार्य को केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इस कार्यक्रम में उनका एक अलग और प्रेरणादायक रूप देखने को मिला।

कार्यक्रम के अंत में छात्राओं और शिक्षकों ने प्राचार्य के गीत की सराहना की और उनके इस प्रयास को खूब पसंद किया। दतिया के शासकीय कन्या महाविद्यालय का यह आयोजन लंबे समय तक छात्राओं की यादों में बना रहेगा।