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वायरल वीडियो के पीछे का दर्दनाक सच: तपती धूप में स्ट्रेचर पर बच्चे को लेकर दौड़ते रहे माता-पिता

 

इंदौर के एमवाय अस्पताल और सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल के बीच भीषण गर्मी में स्ट्रेचर पर एक बीमार बच्चे को ले जाते उसके माता-पिता का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए, लेकिन अब इस घटना के पीछे का दर्दभरा सच भी सामने आया है।

जानकारी के अनुसार बच्चा गंभीर रूप से बीमार था और उसे बेहतर इलाज के लिए एमवाय अस्पताल से सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल रेफर किया गया था। अस्पताल परिसर में दोनों भवनों के बीच की दूरी तय करने के दौरान बच्चे के माता-पिता खुद ही स्ट्रेचर को धक्का देते हुए दिखाई दिए। भीषण गर्मी और तपती धूप में बच्चे को लेकर भागते परिजनों का यह दृश्य कैमरे में कैद हो गया, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया।

वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया। लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर गंभीर मरीज को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं थी। वहीं, घटना के बाद अस्पताल प्रशासन भी जांच और सफाई देने में जुट गया।

बताया जा रहा है कि बच्चे की हालत नाजुक थी और परिजन इलाज में किसी तरह की देरी नहीं चाहते थे। इसी वजह से वे स्वयं स्ट्रेचर लेकर तेजी से दूसरे अस्पताल की ओर बढ़े। इस दौरान किसी ने उनका वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

घटना ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर बहस छेड़ दी है। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े अस्पताल परिसरों में मरीजों के सुरक्षित और त्वरित परिवहन के लिए समुचित व्यवस्था होना बेहद जरूरी है, ताकि गंभीर मरीजों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

मामले के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने भी घटना की जानकारी ली है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और यह देखा जाएगा कि मरीज को स्थानांतरित करने के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन हुआ था या नहीं।

इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। एक ओर जहां माता-पिता अपने बच्चे की जान बचाने के लिए हर संभव कोशिश करते नजर आए, वहीं दूसरी ओर इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल यह मामला संवेदनशील चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए अस्पताल प्रशासन आवश्यक कदम उठाएगा, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को इस तरह की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।