भोपाल में आवासीय भवनों के कमर्शियल उपयोग का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, कार्रवाई के फोटो-वीडियो पेश करेंगे रहवासी
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग को लेकर चल रहे विवाद पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इस मामले में रहवासियों की ओर से याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत कमर्शियल गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रहवासियों ने बताया कि वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में शामिल होंगे। इस दौरान वे नगर निगम और प्रशासन की ओर से की गई दो दिन की कार्रवाई से जुड़े फोटो और वीडियो भी कोर्ट के सामने प्रस्तुत करेंगे। रहवासियों का दावा है कि इन दस्तावेजों से यह स्पष्ट होगा कि आवासीय भवनों का किस तरह व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है।
दरअसल, भोपाल में कई इलाकों में आवासीय भवनों में दुकानें, कार्यालय, कोचिंग सेंटर और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि ऐसे उपयोग से न केवल क्षेत्र का स्वरूप बदल रहा है, बल्कि पार्किंग, यातायात, शोर और सुरक्षा जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं।
इस मामले में रहवासियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में मांग की गई है कि आवासीय क्षेत्रों में नियमों के उल्लंघन पर उचित कार्रवाई की जाए और भवनों के उपयोग को निर्धारित नियमों के अनुसार सुनिश्चित किया जाए।
पिछले दिनों प्रशासन और नगर निगम की ओर से ऐसे भवनों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी। रहवासियों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान सामने आए मामलों को उन्होंने रिकॉर्ड किया है। अब इन्हीं फोटो और वीडियो को सुप्रीम कोर्ट में पेश कर अपनी बात रखेंगे।
वहीं, दूसरी ओर कमर्शियल उपयोग करने वाले भवन मालिकों और व्यापारियों का पक्ष भी सामने आ सकता है। उनका कहना है कि कई वर्षों से संचालित गतिविधियों से जुड़े लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में नियमों और व्यावहारिक स्थिति के बीच संतुलन बनाने की जरूरत है।
सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के बाद यह तय होगा कि भोपाल के आवासीय क्षेत्रों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर आगे क्या दिशा तय होगी। शहर के कई इलाकों के रहवासियों की नजर अब इस सुनवाई पर टिकी हुई है।