CM के इंतजार में रुकी पदयात्रा, मंच से सीढ़ियों तक खड़े रहे केंद्रीय मंत्री और नेता; बच्चों को थमाए BJP के झंडे-गमछे
मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में पदयात्रा को उनके इंतजार में रोक दिया गया। इस दौरान मंच से लेकर सीढ़ियों तक केंद्रीय मंत्री और अन्य नेता मुख्यमंत्री के आने की प्रतीक्षा करते नजर आए। कार्यक्रम का एक और पहलू चर्चा में है। आरोप है कि शिक्षकों ने स्कूली बच्चों को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के झंडे और गमछे थमा दिए। जब बच्चों से पूछा गया कि उन्हें यहां क्यों लाया गया है, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
मुख्यमंत्री के इंतजार में रुकी पदयात्रा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे। पदयात्रा को आगे बढ़ाने के बजाय मुख्यमंत्री के पहुंचने का इंतजार किया गया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री और दूसरे नेता मंच के आसपास मौजूद रहे। मंच से लेकर सीढ़ियों तक नेताओं के खड़े रहने की तस्वीरें और वीडियो चर्चा का विषय बने।
बच्चों के हाथों में दिखे BJP के झंडे और गमछे
कार्यक्रम में स्कूली बच्चों की मौजूदगी भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि शिक्षकों ने बच्चों को BJP के झंडे और पार्टी के गमछे दिए थे। बच्चों के हाथों में पार्टी के झंडे दिखाई दिए। जब उनसे पूछा गया कि वे यहां क्यों आए हैं और उन्हें ये झंडे किसने दिए, तो कुछ बच्चों ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि उन्हें यहां क्यों लाया गया है।
शिक्षकों की भूमिका पर उठे सवाल
बच्चों को राजनीतिक दल के झंडे और गमछे दिए जाने के आरोप के बाद शिक्षकों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह भी है कि क्या बच्चों को कार्यक्रम में लाने और पार्टी से जुड़े सामान देने के लिए अभिभावकों की अनुमति ली गई थी? हालांकि, उपलब्ध जानकारी में संबंधित स्कूल, शिक्षकों और प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आया है।
फिलहाल कार्यक्रम के आयोजन, पदयात्रा रोके जाने और बच्चों को पार्टी के झंडे दिए जाने से जुड़े पूरे घटनाक्रम पर संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।