मुहूर्त बचाने के लिए दूल्हे ने किया अनोखा फैसला, घोड़ी का इंतजार छोड़ पैदल निकाली बारात
शादी समारोहों में अक्सर दूल्हे की बारात घोड़ी पर सवार होकर निकलती है, लेकिन एक ऐसा मामला सामने आया जहां दूल्हे ने घोड़ी का इंतजार करने के बजाय समय को प्राथमिकता दी। बारात निकलने का शुभ समय बीतने से बचाने के लिए दूल्हा पारस जैन बिना घोड़ी के ही पैदल बारात लेकर निकल पड़ा। बाद में रास्ते में घोड़ी पहुंची तो वह उस पर सवार होकर विवाह स्थल तक पहुंचे।
जानकारी के अनुसार, शादी समारोह की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। परिवार, रिश्तेदार और मेहमान बारात निकलने के इंतजार में थे। तय समय के अनुसार बारात रवाना होनी थी, लेकिन ऐन वक्त पर घोड़ी नहीं पहुंची। परिवार के लोगों और रिश्तेदारों ने दूल्हे को कुछ देर इंतजार करने की सलाह दी, ताकि घोड़ी आने के बाद पारंपरिक तरीके से बारात निकाली जा सके।
हालांकि, दूल्हे पारस जैन ने समय को ज्यादा महत्व दिया। उन्होंने घड़ी देखी और कहा कि शुभ मुहूर्त निकलना नहीं चाहिए। इसके बाद उन्होंने फैसला लिया कि घोड़ी का इंतजार नहीं किया जाएगा और बारात तय समय पर ही निकलेगी।
इसके बाद पारस जैन अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ पैदल ही बारात लेकर विवाह स्थल के लिए रवाना हो गए। इस दौरान लोगों ने उनके इस फैसले की सराहना की। बारात में शामिल लोगों ने भी दूल्हे का साथ दिया और उत्साह के साथ पैदल यात्रा शुरू की।
कुछ दूरी आगे जाने के बाद घोड़ी वहां पहुंच गई। इसके बाद पारस जैन घोड़ी पर सवार हुए और परंपरा के अनुसार विवाह स्थल तक पहुंचे। इस पूरे घटनाक्रम ने शादी में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया और यह मामला चर्चा का विषय बन गया।
दूल्हे के इस कदम को कई लोगों ने समय और परंपरा के बीच संतुलन बनाने वाला फैसला बताया। आमतौर पर शादी समारोहों में छोटी-छोटी देरी के कारण शुभ समय निकल जाता है, लेकिन पारस जैन ने तय किया कि किसी भी परिस्थिति में शुभ मुहूर्त का पालन किया जाएगा।
इस अनोखी बारात का वीडियो और घटना की चर्चा भी लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। जहां एक ओर शादी की रस्मों में परंपराओं का महत्व होता है, वहीं दूसरी ओर समय की अहमियत को लेकर दूल्हे का यह फैसला लोगों को खासा पसंद आ रहा है।