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स्वामित्व योजना की रजिस्ट्री में तेजी लाने के लिए सरकार उतरेगी मैदान में, गांव-गांव जाकर मंत्री-सांसद और विधायक कराएंगे रजिस्ट्री

 

स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को उनकी आवासीय संपत्तियों का कानूनी मालिकाना हक दिलाने के लिए चलाई जा रही नि:शुल्क रजिस्ट्री योजना को गति देने के लिए अब राज्य सरकार ने नई पहल करने की तैयारी की है। योजना के क्रियान्वयन में सरकारी मशीनरी की सुस्ती सामने आने के बाद सरकार ने खुद इसकी जिम्मेदारी संभालने का फैसला किया है। अब केवल अधिकारियों के भरोसे योजना को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा, बल्कि मंत्री, सांसद और विधायक भी सीधे गांवों में पहुंचकर रजिस्ट्री प्रक्रिया को गति देंगे।

सरकार की इस पहल के तहत जनप्रतिनिधि गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को स्वामित्व योजना का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। मंत्री, सांसद और विधायक अपने सामने पात्र ग्रामीणों की संपत्तियों की रजिस्ट्री करवाएंगे, ताकि योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को भी मौके पर मौजूद रहने और रजिस्ट्री से जुड़ी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए जाएंगे।

सरकारी मशीनरी की सुस्ती बनी चुनौती

स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर बने मकानों और अन्य आवासीय संपत्तियों के मालिकों को कानूनी दस्तावेज उपलब्ध कराना है। इसके तहत ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का अधिकार प्रमाणित करने के लिए दस्तावेज दिए जाते हैं। इससे संपत्ति के मालिकाना हक को लेकर भविष्य में होने वाले विवादों को कम करने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, योजना के तहत नि:शुल्क रजिस्ट्री की प्रक्रिया में अपेक्षित तेजी नहीं आने के कारण सरकार को अब जनप्रतिनिधियों को सीधे मैदान में उतारने की जरूरत महसूस हुई है। सरकारी स्तर पर होने वाली देरी के चलते कई ग्रामीणों को योजना का लाभ मिलने में परेशानी हो रही है। ऐसे में सरकार चाहती है कि प्रशासनिक स्तर पर लंबित कामों को जल्द पूरा किया जाए।

ग्रामीणों को मिलेगा सीधा फायदा

सरकार की नई पहल से ग्रामीणों को अपनी संपत्ति के दस्तावेज बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है। गांवों में ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होने से लोगों का समय और मेहनत दोनों बच सकते हैं। साथ ही ग्रामीणों को अपनी संपत्ति पर कानूनी अधिकार से जुड़े दस्तावेज प्राप्त करने में आसानी होगी।

स्वामित्व योजना के तहत संपत्ति के दस्तावेज मिलने से ग्रामीण भविष्य में अपनी संपत्ति से जुड़े विभिन्न आर्थिक और कानूनी कार्यों में भी उनका उपयोग कर सकेंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के अधिकार को लेकर जागरूकता बढ़ने की संभावना है।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में होगी निगरानी

सरकार की योजना है कि मंत्री, सांसद और विधायक गांवों में पहुंचकर रजिस्ट्री की प्रक्रिया को अपनी मौजूदगी में पूरा करवाएं। इससे प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही भी बढ़ेगी और योजना की प्रगति पर सीधे नजर रखी जा सकेगी।

फिलहाल सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्वामित्व योजना के तहत नि:शुल्क रजिस्ट्री के काम में तेजी लाना और अधिक से अधिक पात्र ग्रामीणों को इसका लाभ पहुंचाना है। अब देखना होगा कि जनप्रतिनिधियों के सीधे हस्तक्षेप से रजिस्ट्री प्रक्रिया में कितनी तेजी आती है और ग्रामीणों को इसका लाभ कितनी जल्दी मिल पाता है।