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शिशु मंदिर में प्रवेश प्रथम दिनोत्सव उत्साह के साथ मनाया गया, बच्चों का हुआ भव्य स्वागत

 

क्षेत्र के शिशु मंदिर विद्यालय में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए ‘प्रथम दिनोत्सव’ का आयोजन बड़े ही उत्साह, उमंग और पारंपरिक तरीके से किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छोटे बच्चों को विद्यालय के वातावरण से परिचित कराना और उनके पहले दिन को यादगार बनाना था।

सुबह से ही विद्यालय परिसर को रंग-बिरंगे गुब्बारों, फूलों और आकर्षक सजावट से सजाया गया था। जैसे ही नन्हे-मुन्ने बच्चे अपने माता-पिता के साथ विद्यालय पहुंचे, शिक्षकों और वरिष्ठ विद्यार्थियों ने उनका तिलक लगाकर, पुष्पवर्षा कर और मिठाई खिलाकर गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान पूरे परिसर में खुशी और उल्लास का माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य ने बच्चों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा बच्चे के जीवन की नींव होती है और शिशु मंदिर का उद्देश्य संस्कारों के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

इस अवसर पर शिक्षकों ने बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई से जुड़ी गतिविधियों से अवगत कराया। बच्चों ने भी गीत, कविता और छोटी-छोटी गतिविधियों में भाग लेकर अपनी मासूम मुस्कान से सभी का दिल जीत लिया। कई बच्चों ने पहली बार अपने नए दोस्तों से मिलकर उत्साह व्यक्त किया।

अभिभावकों ने भी विद्यालय के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के मन से स्कूल का डर दूर करते हैं और उन्हें शिक्षा के प्रति आकर्षित करते हैं। उन्होंने शिक्षकों के व्यवहार और व्यवस्था की भी प्रशंसा की।

कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को उपहार स्वरूप स्टेशनरी सामग्री वितरित की गई। साथ ही उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। पूरे दिन विद्यालय परिसर में हंसी, खेल और सीखने का सुंदर संगम देखने को मिला।

प्रथम दिनोत्सव का यह आयोजन न केवल बच्चों के लिए यादगार बना, बल्कि विद्यालय परिवार और अभिभावकों के लिए भी एक भावनात्मक और प्रेरणादायक अनुभव साबित हुआ।