नगर पालिका में वर्षों से अटके प्रकरणों के समाधान की कवायद तेज, भौतिक और दस्तावेजी जांच के बाद होगी कार्रवाई
नगर पालिका में लंबे समय से लंबित पड़े नामांतरण (म्यूटेशन) प्रकरणों के निस्तारण के लिए जिला प्रशासन ने नई पहल की है। आम लोगों को राहत देने और लंबित मामलों का जल्द समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने ग्रामीण तहसील के एक पटवारी की एक माह के लिए विशेष ड्यूटी नगर पालिका में लगाई है। यह पटवारी 629 लंबित नामांतरण प्रकरणों का भौतिक और दस्तावेजी परीक्षण करेगा।
जानकारी के अनुसार, नगर पालिका में बड़ी संख्या में नामांतरण के मामले लंबे समय से लंबित हैं। इन प्रकरणों के कारण संपत्ति मालिकों को राजस्व रिकॉर्ड अपडेट कराने, संपत्ति की खरीद-बिक्री, ऋण लेने और अन्य प्रशासनिक कार्यों में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने इस समस्या के समाधान के लिए विशेष व्यवस्था लागू की है।
प्रशासन के आदेश के अनुसार, नियुक्त पटवारी एक महीने तक नगर पालिका कार्यालय में रहकर सभी लंबित मामलों की मौके पर जांच (भौतिक सत्यापन) और दस्तावेजों का परीक्षण करेगा। जांच के दौरान भूमि और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड, स्वामित्व संबंधी दस्तावेज तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों का मिलान किया जाएगा। इसके बाद पात्र मामलों को नियमानुसार आगे की प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि इस विशेष अभियान का उद्देश्य केवल लंबित मामलों का निपटारा करना ही नहीं, बल्कि नामांतरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी लाना भी है। भौतिक सत्यापन से फर्जी दावों और दस्तावेजों की भी जांच हो सकेगी, जिससे भविष्य में विवादों की संभावना कम होगी।
जिला प्रशासन का मानना है कि यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो भविष्य में भी लंबित राजस्व और नामांतरण प्रकरणों के निस्तारण के लिए इसी तरह की व्यवस्था अपनाई जा सकती है। इससे नगर पालिका में वर्षों से लंबित मामलों का बोझ कम होगा और आम नागरिकों को समय पर सेवाएं मिल सकेंगी।
प्रशासन ने संबंधित आवेदकों से अपील की है कि जिनके नामांतरण आवेदन लंबित हैं, वे आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि एक माह के इस विशेष अभियान के दौरान अधिकांश लंबित मामलों का निस्तारण कर दिया जाएगा, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।