वैलेंटाइन डे की रात निकला था प्रेमी जोड़ा... सुबह जंगल में मिली लाश, 2010 का वह हत्याकांड जिसने मध्य प्रदेश को हिला दिया
मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज बात उस सनसनीखेज हत्याकांड की, जिसने वर्ष 2010 में पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। यह मामला नर्मदापुरम (तत्कालीन होशंगाबाद) जिले के पिपरिया क्षेत्र का है, जहां वैलेंटाइन डे की रात घर से निकले एक युवा प्रेमी जोड़े के साथ जो हुआ, उसने हर किसी को हैरान कर दिया। अगले दिन इस घटना की खबर सामने आई तो इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस के सामने इस रहस्यमयी हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई।
14 फरवरी 2010 की रात प्रेमी-प्रेमिका अपने घर से मिलने के लिए निकले थे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह मुलाकात उनकी जिंदगी की आखिरी मुलाकात साबित होगी। रात बीत गई, लेकिन दोनों घर नहीं लौटे। परिजन उनकी तलाश में जुटे ही थे कि अगले दिन इलाके के जंगल से एक युवक का शव मिलने की सूचना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। कुछ ही देर बाद युवती के साथ हुई वारदात की जानकारी सामने आने लगी, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में यह साफ हो गया कि मामला सामान्य नहीं, बल्कि सुनियोजित अपराध का है। पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की और प्रेमी जोड़े के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, उनके परिचितों और परिवार के लोगों से पूछताछ की।
इस हत्याकांड ने पूरे मध्य प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल था, जबकि पुलिस पर जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने का दबाव बढ़ता जा रहा था। जांच के दौरान कई संदिग्धों से पूछताछ की गई और मामले के हर पहलू को बारीकी से खंगाला गया। पुलिस ने प्रेम संबंध, पुरानी रंजिश और अन्य संभावित कारणों को भी जांच के दायरे में रखा।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि घटना वैलेंटाइन डे की रात हुई थी और इसमें एक युवा प्रेमी जोड़ा निशाना बना था। मीडिया में इस घटना को व्यापक कवरेज मिली और लोग लगातार यह जानना चाहते थे कि आखिर इस जघन्य वारदात के पीछे कौन था और हत्या की वजह क्या थी।
मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स की यह कहानी आज भी उन चर्चित मामलों में गिनी जाती है, जिन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिस जांच को चुनौती दी थी। इस हत्याकांड ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर दिया, बल्कि पूरे प्रदेश में सुरक्षा और अपराध को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े किए। आज भी यह मामला मध्य प्रदेश के चर्चित अपराधों की सूची में शामिल है और इसे प्रदेश के सबसे सनसनीखेज हत्याकांडों में से एक माना जाता है।