शाजापुर में पुराने पुल की एप्रोच धंसी: कांग्रेस ने प्रदर्शन कर BJP को बताया 'चंदा चोर', टीआई को सौंपा ज्ञापन
शाजापुर में पुराने पुल की एप्रोच सड़क धंसने के बाद राजनीतिक विवाद भी सामने आया है। पुल की एप्रोच धंसने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई और हादसे की आशंका बढ़ गई। मामले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मौके पर प्रदर्शन किया और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा को 'चंदा चोर' बताते हुए सरकार पर विकास कार्यों की अनदेखी का आरोप लगाया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि लंबे समय से पुराने पुल और उसकी एप्रोच की स्थिति को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इसके बावजूद समय रहते मरम्मत और मजबूतीकरण का काम नहीं कराया गया। बारिश के दौरान एप्रोच का हिस्सा धंसने से अब स्थिति और गंभीर हो गई है। लोगों को पुल से गुजरने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सड़क और पुलों के निर्माण तथा रखरखाव में जिम्मेदार विभागों की लापरवाही सामने आ रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कमजोर हिस्से की मरम्मत करा दी जाती तो एप्रोच धंसने की स्थिति नहीं बनती। कांग्रेस ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने राजनीतिक आरोप लगाते हुए भाजपा को 'चंदा चोर' कहा। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि जनता को बेहतर सड़क और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलना जरूरी है। उन्होंने सरकार से केवल घोषणाओं के बजाय जमीनी स्तर पर काम कराने की मांग की।
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस की ओर से स्थानीय थाने के टीआई को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में पुल की एप्रोच धंसने के मामले में आवश्यक कार्रवाई करने, मौके की जांच कराने और लोगों की सुरक्षा के लिए तत्काल इंतजाम करने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक पुल की एप्रोच को सुरक्षित नहीं किया जाता, तब तक यहां किसी बड़े हादसे का खतरा बना रहेगा।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि पुल और एप्रोच मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। ऐसे में क्षतिग्रस्त हिस्से के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी संकेत लगाए जाने चाहिए।
फिलहाल एप्रोच धंसने के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती आवागमन को सुरक्षित बनाए रखना है। स्थानीय स्तर पर लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग तकनीकी निरीक्षण कर जल्द से जल्द मरम्मत कार्य शुरू करे, ताकि बारिश के दौरान स्थिति और खराब न हो और किसी तरह की जनहानि की नौबत न आए।