कलेक्टर से विवाद के बाद तहसीलदार को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस: दतिया में 4 सितंबर तक की मोहलत
दतिया में कलेक्टर और तहसीलदार के बीच विवाद के बाद प्रशासन ने तहसीलदार को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस जारी किया है। तहसीलदार को 4 सितंबर तक सरकारी आवास खाली करने की मोहलत दी गई है। यह कार्रवाई टीएल बैठक के दौरान कलेक्टर से हुए कथित विवाद के बाद सामने आई है।
बताया जा रहा है कि हाल ही में आयोजित टीएल बैठक के दौरान कलेक्टर और तहसीलदार के बीच किसी मुद्दे को लेकर विवाद हुआ था। बैठक में अधिकारियों के बीच हुई बहस के बाद मामला प्रशासनिक स्तर पर चर्चा में आ गया। इसके बाद तहसीलदार को आवंटित सरकारी आवास खाली करने के संबंध में नोटिस जारी किया गया।
टीएल बैठक में हुआ था विवाद
टीएल यानी टाइम लिमिट बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के लंबित मामलों और शासन की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाती है। इसी बैठक के दौरान कलेक्टर और तहसीलदार के बीच विवाद होने की बात सामने आई है।
बैठक में किस मुद्दे को लेकर विवाद हुआ और दोनों अधिकारियों के बीच क्या बातचीत हुई, इसे लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, विवाद के बाद सरकारी आवास खाली करने का नोटिस जारी होना प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
4 सितंबर तक खाली करना होगा आवास
जारी नोटिस के अनुसार तहसीलदार को 4 सितंबर तक सरकारी आवास खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से निर्धारित समय सीमा में आवास खाली करने के लिए कहा गया है।
सरकारी अधिकारियों को सेवा के दौरान विभागीय या प्रशासनिक आवास आवंटित किए जाते हैं। ऐसे में आवास खाली करने के आदेश को लेकर भी मामले ने तूल पकड़ लिया है।
प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर चर्चा
कलेक्टर और तहसीलदार के बीच विवाद के बाद सामने आई इस कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक महकमे में चर्चा है। हालांकि, नोटिस में आवास खाली करने के लिए जो कारण दर्ज किए गए हैं, उनकी पूरी जानकारी सामने आने के बाद ही कार्रवाई की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल तहसीलदार को दी गई समय सीमा के अनुसार 4 सितंबर तक सरकारी आवास खाली करना होगा। मामले में आगे प्रशासन की ओर से कोई अन्य कार्रवाई होती है या विवाद को लेकर कोई स्पष्टीकरण सामने आता है, इस पर नजर बनी हुई है।