मंदसौर में कोबरा के डसने से किशोर की हालत गंभीर, झाड़-फूंक में बीता समय; अस्पताल पहुंचने में हुई देरी
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के सीतामऊ थाना क्षेत्र के लदुना गांव में सोमवार रात एक दर्दनाक घटना सामने आई। यहां कोबरा सांप के काटने से 15 वर्षीय किशोर की हालत गंभीर हो गई। घटना के बाद परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय पहले गांव के तेजा बाउजी मंदिर ले गए, जहां उपचार की उम्मीद में समय बीत गया। बाद में सर्पमित्र की सलाह पर किशोर को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
जानकारी के अनुसार, लदुना गांव निवासी 15 वर्षीय किशोर सोमवार रात किसी काम से बाहर गया था। इसी दौरान उसे जहरीले कोबरा सांप ने काट लिया। सांप के काटने के बाद किशोर की हालत बिगड़ने लगी और शरीर में जहर का असर दिखाई देने लगा। परिजन घबरा गए और उसे तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय गांव के तेजा बाउजी मंदिर लेकर पहुंचे।
ग्रामीणों के अनुसार, मंदिर में कुछ देर तक पारंपरिक तरीके से उपचार कराने का प्रयास किया गया। इस दौरान अस्पताल पहुंचने में देरी हो गई। जब किशोर की हालत ज्यादा बिगड़ने लगी तो परिजनों ने सर्पमित्र से संपर्क किया। सर्पमित्र ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
इसके बाद परिजन किशोर को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। डॉक्टरों के मुताबिक, जहरीले सांप के काटने के कारण किशोर की हालत गंभीर बनी हुई थी और समय पर चिकित्सा उपचार मिलना बेहद जरूरी था।
घटना के बाद सर्पमित्र और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या अन्य देरी करने वाले उपायों में समय बर्बाद न करें। जहरीले सांप के काटने पर पीड़ित को जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए, ताकि एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) सहित जरूरी इलाज समय पर मिल सके।
सीतामऊ थाना पुलिस को मामले की जानकारी मिलने के बाद घटना की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि इस तरह की घटनाओं में अंधविश्वास से बचते हुए तत्काल चिकित्सकीय सहायता लें।
बरसात के मौसम में सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेषज्ञों का कहना है कि सांप के काटने के बाद हर मिनट महत्वपूर्ण होता है और समय पर इलाज मिलने से पीड़ित की जान बचाई जा सकती है।