लटेरी उप जेल में विचाराधीन कैदी की संदिग्ध मौत, शव को अस्पताल ले जाने में लापरवाही के आरोप
मध्यप्रदेश के विदिशा जिले की लटेरी उप जेल में बंद एक विचाराधीन कैदी की गुरुवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान बगरोदा पथरिया निवासी राजू वाल्मीकि के रूप में हुई है। घटना के बाद जेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, राजू वाल्मीकि लटेरी उप जेल में विचाराधीन कैदी के रूप में बंद था। गुरुवार को जेल में उसकी तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया शुरू की गई। आरोप है कि कैदी की मौत हो जाने के बाद भी उसे जिंदा दिखाने की कोशिश की गई और शव को हथकड़ी लगाकर पहले लटेरी सिविल अस्पताल ले जाया गया।
इसके बाद उसे करीब 80 किलोमीटर दूर विदिशा ले जाने की बात सामने आई। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मामले में गंभीर लापरवाही बरती गई और वास्तविक स्थिति को छिपाने का प्रयास किया गया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है। पुलिस और जेल विभाग की ओर से पूरे मामले की जांच की जा रही है। मृतक कैदी की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जेल में बंद कैदियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
वहीं, मृतक के परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि राजू वाल्मीकि की मौत की पूरी परिस्थितियों की जानकारी सामने आनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस घटना के बाद लटेरी उप जेल की व्यवस्थाओं और कैदियों की निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।