ग्वालियर में गर्भवती महिला की संदिग्ध मौत, मरने से पहले वीडियो में पति पर लगाए गंभीर आरोप; पुलिस हर पहलू की कर रही जांच
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 26 वर्षीय गर्भवती महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत से पहले रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में महिला ने अपने पति पर मारपीट, मानसिक प्रताड़ना और जबरन तेजाब पिलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने वीडियो को जांच का हिस्सा बनाते हुए मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।
ग्वालियर में एक गर्भवती महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने सनसनी फैला दी है। मृतका की पहचान थाटीपुर थाना क्षेत्र की न्यू मेहर कॉलोनी निवासी 26 वर्षीय निशा राठौर के रूप में हुई है। उन्हें 22 जून को गंभीर हालत में जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान बुधवार शाम उनकी मौत हो गई।
मामले ने उस समय गंभीर मोड़ ले लिया जब मौत से पहले रिकॉर्ड किया गया निशा का एक वीडियो सामने आया। वीडियो में वह अस्पताल के बिस्तर पर गंभीर हालत में दिखाई दे रही हैं और अपने पति गजेंद्र राठौर पर कई गंभीर आरोप लगाती नजर आ रही हैं। फिलहाल पुलिस इस वीडियो की सत्यता और उसमें किए गए दावों की जांच कर रही है।
वीडियो में निशा कथित तौर पर कहती हैं कि पिछले तीन-चार दिनों से उनके पति लगातार उनके साथ मारपीट कर रहे थे और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उनके पति ने उन्हें जबरन तेजाब पिला दिया। वीडियो में लगाए गए इन आरोपों के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वीडियो को महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में जांच में शामिल किया गया है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले वीडियो में लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं की जा सकती। पुलिस मेडिकल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि महिला की मौत का वास्तविक कारण क्या था और क्या उसे वास्तव में कोई संक्षारक पदार्थ (तेजाब) पिलाया गया था। इसके लिए डॉक्टरों की रिपोर्ट और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की राय का भी इंतजार किया जा रहा है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने मृतका के परिजनों और अन्य संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज करने शुरू कर दिए हैं। वहीं, आरोपी पति से भी पूछताछ की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर की जाएगी, ताकि घटना की वास्तविक सच्चाई सामने आ सके।
इस घटना ने एक बार फिर घरेलू हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी महिला के साथ घरेलू हिंसा या प्रताड़ना की घटनाएं हो रही हों तो समय रहते इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से करनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। जांच पूरी होने और मेडिकल व फॉरेंसिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और वीडियो में लगाए गए आरोप कितने सही हैं।