इंदौर IT पार्क-4 में बनेगा स्टूडियो और स्किलिंग सेंटर, पहले चरण में 200 युवाओं को मिलेगा मौका
मध्य प्रदेश के इंदौर में युवाओं को तकनीकी कौशल और रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल की तैयारी है। इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स स्थित आईटी पार्क-4 में 10 हजार वर्गफीट क्षेत्र में स्टूडियो और स्किलिंग सेंटर बनाया जाएगा। इस परियोजना के पहले चरण में 200 युवाओं को जोड़ने की योजना है। सेंटर के माध्यम से युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने और डिजिटल व तकनीकी क्षेत्र में काम करने के अवसरों के लिए तैयार करने पर जोर रहेगा।
इस पहल से इंदौर में आईटी और डिजिटल सेवाओं से जुड़े प्रशिक्षण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, सेंटर में कौन-कौन से कोर्स संचालित होंगे, प्रशिक्षण की अवधि क्या होगी और युवाओं के चयन की प्रक्रिया कैसी रहेगी, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।
10 हजार वर्गफीट में विकसित होगा सेंटर
प्रस्तावित स्टूडियो और स्किलिंग सेंटर इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स स्थित आईटी पार्क-4 में बनाया जाएगा। इसके लिए 10 हजार वर्गफीट क्षेत्र निर्धारित किया गया है। सेंटर में स्टूडियो के साथ प्रशिक्षण से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
स्टूडियो का इस्तेमाल डिजिटल कंटेंट तैयार करने, तकनीकी प्रोजेक्ट और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। वहीं, स्किलिंग सेंटर के जरिए युवाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा सकता है। इससे प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुसार अपनी क्षमताएं विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पहले चरण में 200 युवाओं को जोड़ने की योजना
परियोजना के पहले चरण में 200 युवाओं को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण से जोड़ने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के लिए केवल शैक्षणिक योग्यता ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक जानकारी और काम करने का अनुभव भी अहम होता है।
यदि प्रशिक्षण को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाता है, तो युवाओं को नौकरी के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा डिजिटल सेवाओं और कंटेंट निर्माण जैसे क्षेत्रों में रुचि रखने वाले युवाओं को भी नए अवसर मिल सकते हैं।
आईटी सेक्टर को मिल सकता है फायदा
इंदौर में आईटी और तकनीकी गतिविधियों के विस्तार के बीच इस तरह के प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना से स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। कंपनियों को प्रशिक्षित युवाओं की उपलब्धता बढ़ने से फायदा हो सकता है, जबकि युवाओं को अपने शहर में ही कौशल विकास के अवसर मिल सकते हैं।
हालांकि, सेंटर की वास्तविक उपयोगिता इस बात पर निर्भर करेगी कि यहां किस तरह का प्रशिक्षण दिया जाता है, उद्योगों से कितना जुड़ाव बनाया जाता है और प्रशिक्षण के बाद रोजगार या इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं या नहीं।
फिलहाल आईटी पार्क-4 में 10 हजार वर्गफीट में स्टूडियो और स्किलिंग सेंटर विकसित करने तथा पहले चरण में 200 युवाओं को जोड़ने की योजना सामने आई है। परियोजना के संचालन, पाठ्यक्रम और शुरुआत की तारीख से जुड़ी जानकारी का इंतजार रहेगा।