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सरकारी स्कूलों के छात्रों को मिलेगा NEET-JEE का प्रशिक्षण, रीवा संभाग में स्कूल स्तर पर शुरू होगी तैयारी

 

रीवा संभाग के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ी पहल शुरू की गई है। अब सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं को NEET और JEE मेन्स जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निजी कोचिंग संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। संभागीय आयुक्त शीलेंद्र सिंह की पहल पर शुरू की गई इस योजना के तहत विद्यार्थियों को स्कूल में ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी।

इस योजना का लाभ रीवा संभाग के सतना और मैहर जिले के विद्यार्थियों को भी मिलेगा। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले प्रतिभाशाली छात्रों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें मेडिकल व इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं के लिए तैयार करना है।

स्कूलों में मिलेगी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी

योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं के साथ-साथ NEET और JEE मेन्स के पाठ्यक्रम के अनुसार विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें विषय विशेषज्ञों के माध्यम से विद्यार्थियों को भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित जैसे विषयों की तैयारी कराई जाएगी।

सरकारी स्कूलों के छात्रों को मिलेगा फायदा

अक्सर आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कई प्रतिभाशाली विद्यार्थी महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाते हैं। ऐसे विद्यार्थियों के लिए यह योजना काफी मददगार साबित हो सकती है। स्कूल स्तर पर ही प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी मिलने से ग्रामीण और छोटे शहरों के छात्रों को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा।

संभागीय आयुक्त की पहल

संभागीय आयुक्त शीलेंद्र सिंह ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के उद्देश्य से यह पहल शुरू की है। उनका लक्ष्य है कि सरकारी स्कूलों से निकलने वाले अधिक से अधिक विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकें।

प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को किया जाएगा तैयार

योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों की क्षमता और रुचि के आधार पर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। नियमित टेस्ट, अभ्यास प्रश्न पत्र और प्रतियोगी परीक्षा के पैटर्न के अनुसार तैयारी कराई जाएगी, ताकि छात्र परीक्षा के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।

शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की दिशा में कदम

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी स्कूलों में इस तरह की सुविधाएं उपलब्ध होने से शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर बढ़ेंगे। इससे न केवल विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।

रीवा संभाग की यह पहल आने वाले समय में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है। अब देखना होगा कि इस योजना के माध्यम से कितने छात्र NEET और JEE जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन करते हैं।