मूलभूत सुविधाओं की शिकायत पर प्रिंसिपल की धमकी का आरोप, छात्रों ने सरपंच और नेताओं से लगाई गुहार
स्कूल में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर शिकायत करने वाले छात्रों ने प्रिंसिपल पर धमकाने का आरोप लगाया है। छात्रों का कहना है कि जब वे स्कूल में पानी, शौचालय, साफ-सफाई और अन्य जरूरी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं की शिकायत करते हैं तो उन्हें कथित तौर पर डराया-धमकाया जाता है। परेशान छात्रों ने अब सरपंच और स्थानीय नेताओं से शिकायत कर प्रिंसिपल को बदलने की मांग की है।
छात्रों के अनुसार, स्कूल में कई जरूरी सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। विद्यार्थियों को रोजाना इन समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि स्कूल प्रशासन से कई बार समस्याओं को दूर करने की मांग की गई, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। इसके बाद छात्रों ने अपनी बात स्थानीय जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाई।
छात्रों का आरोप है कि स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर आवाज उठाने पर प्रिंसिपल नाराज हो जाती हैं। शिकायत करने वाले विद्यार्थियों को कथित तौर पर कार्रवाई या अन्य परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती है। इससे छात्रों में डर का माहौल होने का दावा किया जा रहा है।
नई पीढ़ी के इन छात्रों ने अपनी समस्याओं को लेकर सरपंच और स्थानीय नेताओं से संपर्क किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को स्कूल की स्थिति के बारे में जानकारी दी और प्रिंसिपल को बदलने की मांग रखी। छात्रों का कहना है कि स्कूल में पढ़ाई के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिलना भी जरूरी है।
छात्रों की शिकायत के बाद स्थानीय स्तर पर मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। जनप्रतिनिधियों की ओर से स्कूल की समस्याओं की जानकारी जुटाने और संबंधित अधिकारियों तक मामला पहुंचाने की बात कही जा रही है। यदि शिकायतों की जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो स्कूल प्रशासन के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
मामले में स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मूलभूत सुविधाओं की स्थिति क्या है और शिकायत करने वाले विद्यार्थियों को वास्तव में धमकाया गया या नहीं।
छात्रों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि स्कूल में बेहतर सुविधाएं और पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण हासिल करना है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उनकी शिकायतों की जांच कर समस्याओं का समाधान कराया जाए।
फिलहाल छात्रों की शिकायत के बाद स्कूल की व्यवस्थाओं और प्रिंसिपल के व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और छात्रों की मांग पर क्या कार्रवाई होती है।