छात्र लाठीचार्ज विवाद: पुलिस का दावा- "सिपाही अभिषेक की AK-47 फायरिंग से किसी छात्र को नुकसान नहीं हुआ"
छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और उससे जुड़े विवाद के बीच पुलिस की ओर से बड़ा बयान सामने आया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सिपाही अभिषेक की AK-47 से की गई फायरिंग में किसी भी छात्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। पुलिस का कहना है कि घटना को लेकर फैलाई जा रही कई बातें तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं।
पुलिस अधिकारी ने कहा, "मैं बार-बार कह रहा हूं, सिपाही अभिषेक की AK-47 फायरिंग में किसी भी छात्र को कोई नुकसान नहीं हुआ है। घटना के दिन (25 जुलाई) अभिषेक DIU टीम में शामिल थे और टीम एक केस की जांच के लिए जा रही थी।"
पुलिस के मुताबिक, 25 जुलाई को DIU (डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस यूनिट) की टीम एक अन्य मामले की जांच के लिए निकली थी। इसी दौरान विरोध प्रदर्शन और तनावपूर्ण माहौल के बीच फायरिंग की घटना हुई। हालांकि पुलिस का दावा है कि इस फायरिंग से कोई छात्र घायल नहीं हुआ और किसी को गोली नहीं लगी।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे और वीडियो वायरल हुए, जिनमें पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए गए। इस पर पुलिस ने कहा कि मामले की पूरी जांच की जा रही है और सभी तथ्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाएगा। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट जानकारी या अफवाहों पर भरोसा न करें।
उधर, छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि प्रदर्शन के दौरान हुई पूरी पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटनाक्रम किस तरह हुआ और किसी भी पक्ष की जिम्मेदारी क्या थी।
फिलहाल, पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।