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एमपी में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव: पूर्वी हिस्से के 5 जिलों में 8 इंच तक बारिश का अलर्ट

 

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश में स्ट्रॉन्ग मानसून सिस्टम बनने के कारण पूर्वी हिस्से के पांच जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में कुछ स्थानों पर 8 इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक औसतन करीब 23 इंच बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।

मानसून सिस्टम के सक्रिय होने से आने वाले दिनों में बारिश का दौर तेज होने की उम्मीद है। खासकर पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन और लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी है।

पूर्वी एमपी में सबसे ज्यादा असर

मौसम सिस्टम का प्रभाव प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अधिक देखने को मिल सकता है। पांच जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। यहां कुछ स्थानों पर 8 इंच तक पानी गिरने की संभावना जताई गई है।भारी बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका भी है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने से फसलों पर भी असर पड़ सकता है।

अब तक 23 इंच औसत बारिश

मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक औसतन करीब 23 इंच बारिश हो चुकी है। कई जिलों में सामान्य से अच्छी बारिश दर्ज की गई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में बारिश का आंकड़ा अभी भी कम है।नए मानसून सिस्टम से बारिश की कमी वाले क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है। लगातार बारिश होने से जलाशयों और बांधों में पानी की आवक बढ़ सकती है। इससे सिंचाई और पेयजल के लिए भी फायदा होने की संभावना है।

नदी-नालों के बढ़ सकते हैं जलस्तर

भारी बारिश के दौरान छोटे नदी-नालों में अचानक पानी बढ़ने का खतरा रहता है। ग्रामीण और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को ऐसे स्थानों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। प्रशासन की ओर से भी संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा सकती है।बारिश के साथ तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की स्थिति में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की जरूरत होगी।

किसानों के लिए राहत और चुनौती दोनों

मानसून की अच्छी बारिश खरीफ फसलों के लिए राहत लेकर आती है। पर्याप्त नमी मिलने से सोयाबीन, धान और अन्य खरीफ फसलों को फायदा हो सकता है। हालांकि, बहुत कम समय में अत्यधिक बारिश होने पर खेतों में जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है।ऐसे में किसानों को मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत होगी।

फिलहाल मध्य प्रदेश में सक्रिय स्ट्रॉन्ग मानसून सिस्टम से बारिश का दौर और तेज होने की संभावना है। पूर्वी हिस्से के पांच जिलों में 8 इंच तक बारिश का अनुमान होने के कारण प्रशासन और लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। आने वाले दिनों में सिस्टम की दिशा और ताकत के आधार पर प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बारिश का असर बढ़ सकता है।