एक ही सड़क का अजीब हाल: एक तरफ डामर की 3 परतें, दूसरी ओर नीचे निकली CC रोड
ग्वालियर में सड़कों की गुणवत्ता जांच के दौरान निर्माण कार्य से जुड़ी हैरान करने वाली स्थिति सामने आई है। एक ही सड़क के अलग-अलग हिस्सों में निर्माण की अलग-अलग परतें मिली हैं। सड़क की जांच के दौरान एक तरफ डामर की तीन परतें मिलीं, जबकि दूसरी तरफ डामर की परत हटाने पर नीचे सीसी रोड यानी सीमेंट कंक्रीट की सड़क सामने आ गई।
सड़क की गुणवत्ता को लेकर चल रही जांच में अधिकारियों की टीम सड़क के अलग-अलग हिस्सों को खोलकर उसकी वास्तविक स्थिति देख रही है। इसी दौरान यह अंतर सामने आया। अब अधिकारियों के सामने सवाल है कि एक ही सड़क पर निर्माण का तरीका अलग-अलग क्यों है और क्या सड़क निर्माण के दौरान निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन किया गया था।
कहीं तीन परत डामर, कहीं सीसी रोड
जांच के दौरान सड़क के एक हिस्से में डामर की तीन अलग-अलग परतें मिलीं। अधिकारियों ने सड़क की ऊपरी सतह को हटाकर नीचे की परतों की मोटाई और स्थिति देखी। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सड़क निर्माण के दौरान कितनी सामग्री इस्तेमाल की गई और क्या निर्धारित मानकों के अनुसार डामर की परतें बिछाई गई थीं।
वहीं सड़क के दूसरे हिस्से में डामर हटाने के बाद नीचे सीसी रोड मिली। यानी यहां डामर की परत के नीचे सीमेंट कंक्रीट से बनी सड़क मौजूद थी। एक ही सड़क पर दोनों तरह की संरचना मिलने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
अधिकारियों के सामने कई सवाल
अब जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि सड़क के अलग-अलग हिस्सों में निर्माण की तकनीक अलग क्यों रही। क्या पुराने सीसी रोड के ऊपर डामर की परत चढ़ाई गई थी या बाद में सड़क का स्वरूप बदला गया, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि डामर की तीन परतों वाले हिस्से में सभी परतों की मोटाई निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं। सड़क के नीचे मौजूद बेस और अन्य परतों की भी जांच की जा रही है।
सड़क खोलकर हो रही जांच
सड़क की वास्तविक स्थिति जानने के लिए अधिकारियों ने मौके पर गड्ढे कर जांच शुरू की है। छेनी की मदद से सड़क की अलग-अलग परतों को खोला जा रहा है। इससे ऊपर से दिखाई नहीं देने वाली निर्माण सामग्री और सड़क की अंदरूनी संरचना सामने आ रही है।
अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की जांच से सड़क निर्माण की वास्तविक गुणवत्ता का पता लगाया जा सकता है। यदि कहीं मानकों से कम सामग्री या गलत निर्माण प्रक्रिया पाई जाती है तो इसकी जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी तस्वीर
फिलहाल सड़क के अलग-अलग हिस्सों में मिली निर्माण संरचना ने जांच को और महत्वपूर्ण बना दिया है। तकनीकी टीम सड़क की मोटाई, सामग्री और परतों का परीक्षण कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि सड़क निर्माण में किसी तरह की अनियमितता हुई है या इसके पीछे तकनीकी कारण हैं।
एक ही सड़क पर कहीं डामर की तीन परतें और कहीं डामर के नीचे सीसी रोड मिलने से यह सवाल जरूर खड़ा हो गया है कि निर्माण के दौरान सड़क के सभी हिस्सों में एक समान प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई गई। अब जांच रिपोर्ट से ही इस पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।