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उज्जैन नागचंद्रेश्वर मंदिर में भगदड़ जैसे हालात, तीन लोग घायल; धीरेंद्र शास्त्री ने VIP एंट्री पर उठाए सवाल

 

मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के दौरान सोमवार को अचानक भगदड़ जैसे हालात बन गए। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने के कारण अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। इस घटना में तीन श्रद्धालुओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

नागचंद्रेश्वर मंदिर महाकाल मंदिर परिसर में स्थित है और साल में केवल एक बार नाग पंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है। इसी वजह से यहां दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। मंदिर में दर्शन करने के लिए उमड़ी भीड़ के कारण व्यवस्था संभालने में प्रशासन और सुरक्षाकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ बढ़ने के बाद कुछ समय के लिए मंदिर परिसर में धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए श्रद्धालुओं को नियंत्रित किया और स्थिति को सामान्य किया। घायल हुए तीन लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा गया।

इस घटना के बाद धार्मिक स्थलों पर VIP दर्शन व्यवस्था को लेकर बहस शुरू हो गई है। कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थानों पर VIP एंट्री की व्यवस्था को खत्म किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि भगवान के दरबार में सभी श्रद्धालुओं को समान रूप से दर्शन का अवसर मिलना चाहिए।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि मंदिरों में भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने धार्मिक स्थलों पर आम भक्तों को परेशानी न हो, इसके लिए बेहतर व्यवस्था की जरूरत बताई।नागचंद्रेश्वर मंदिर में हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। प्रशासन की ओर से भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं, लेकिन भारी भीड़ के चलते कई बार ऐसी परिस्थितियां सामने आ जाती हैं।

घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आगे और बेहतर इंतजाम किए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।