बेटा बोला- ट्रांसफर न होने से परेशान थे पापा: पहले पता होता तो समझाते; सिंगरौली के हेड कॉन्स्टेबल ने फांसी लगाकर दी जान
मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में एक हेड कॉन्स्टेबल द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पुलिस विभाग और परिवार में शोक का माहौल है। मृतक के बेटे ने बताया कि उनके पिता लंबे समय से ट्रांसफर नहीं होने को लेकर परेशान चल रहे थे। परिवार का कहना है कि अगर उन्हें पिता की मानसिक परेशानी के बारे में पहले पता होता तो वे उनसे बात करते और उन्हें समझाने की कोशिश करते।
ट्रांसफर को लेकर परेशान थे हेड कॉन्स्टेबल
बताया जा रहा है कि हेड कॉन्स्टेबल अपनी वर्तमान पदस्थापना को लेकर परेशान थे। परिवार के अनुसार वह ट्रांसफर चाहते थे, लेकिन उनका स्थानांतरण नहीं हो पा रहा था। इसी बात को लेकर वह तनाव में रहते थे।
परिजनों ने बताया कि बाहर से वह सामान्य नजर आते थे, इसलिए परिवार को अंदाजा नहीं था कि उनके मन में इतनी परेशानी चल रही है। बेटे के मुताबिक, यदि उन्हें पिता की परेशानी का पता होता तो वे उनसे बातचीत कर उन्हें इस स्थिति से बाहर निकालने का प्रयास करते।
घर में फंदे पर मिले
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। पुलिस को सूचना दी गई और मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की गई। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि हेड कॉन्स्टेबल किन परिस्थितियों से गुजर रहे थे और क्या ट्रांसफर को लेकर चल रही परेशानी घटना की वजह बनी।
बेटे के बयान से सामने आई पिता की परेशानी
मृतक के बेटे ने भावुक होकर कहा कि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि उनके पिता अंदर से इतने परेशान थे। उनका कहना है कि पिता ने अपनी परेशानी खुलकर परिवार के सामने नहीं रखी।
परिवार अब इस घटना से सदमे में है। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते उन्हें उनकी मानसिक स्थिति और परेशानी के बारे में जानकारी मिल जाती तो शायद वह उनसे बात कर पाते।
पुलिस विभाग में भी शोक
हेड कॉन्स्टेबल की मौत की खबर के बाद पुलिस विभाग में भी शोक का माहौल है। सहकर्मियों और अधिकारियों ने घटना पर दुख जताया। पुलिसकर्मियों पर काम का दबाव, ड्यूटी से जुड़ी परेशानियां और व्यक्तिगत परिस्थितियां कई बार मानसिक तनाव का कारण बन सकती हैं।
ऐसे मामलों में परिवार और सहकर्मियों के साथ संवाद तथा समय पर भावनात्मक सहयोग महत्वपूर्ण माना जाता है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी वजह
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। मौके से मिले साक्ष्य, परिजनों के बयान और अन्य परिस्थितियों के आधार पर घटना की वजह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। ट्रांसफर को लेकर परेशानी को लेकर बेटे द्वारा कही गई बात भी जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है।
घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि किसी व्यक्ति के भीतर चल रही परेशानी हमेशा बाहर से दिखाई नहीं देती। ऐसे में परिवार और सहकर्मियों के बीच संवाद बनाए रखना जरूरी है, ताकि गंभीर तनाव की स्थिति में समय रहते मदद मिल सके।