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रूठियाई क्षेत्र में ईंट भट्टों का धुआं बना मुसीबत, 200 से ज्यादा भट्टों से बढ़ा प्रदूषण का खतरा

 

मध्य प्रदेश के गुना जिले के रूठियाई क्षेत्र में इन दिनों ईंट भट्टों से निकलने वाला धुआं और धूल लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। जिला मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर स्थित रूठियाई के डोंगर रोड क्षेत्र में लगभग 5 किलोमीटर के दायरे में 200 से अधिक ईंट भट्टे संचालित हो रहे हैं। इनसे निकलने वाले धुएं और उड़ती धूल के कारण स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

धुएं से प्रभावित हो रहा जनजीवन

स्थानीय लोगों के अनुसार, ईंट भट्टों से दिन-रात धुआं निकलता रहता है। हवा में घुलने वाले धुएं और राख के कणों के कारण आसपास का वातावरण प्रदूषित हो रहा है। लोगों का कहना है कि सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और धूल से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क और आसपास के घरों पर लगातार धूल जम रही है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।

डोंगर रोड पर बड़ी संख्या में संचालित हैं भट्टे

रूठियाई के डोंगर रोड इलाके में बड़ी संख्या में ईंट भट्टों का संचालन हो रहा है। करीब 5 किलोमीटर के क्षेत्र में इतने अधिक भट्टे होने से पर्यावरण पर दबाव बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भट्टों के कारण क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है।

नियमों के पालन पर उठे सवाल

ईंट भट्टों के संचालन को लेकर पर्यावरणीय नियम बनाए गए हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई जगहों पर इन नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि भट्टों से निकलने वाले धुएं को नियंत्रित करने और प्रदूषण कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी ईंट भट्टों की जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि वे निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित हो रहे हैं या नहीं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो प्रदूषण की समस्या और गंभीर हो सकती है।

रोजगार और पर्यावरण के बीच संतुलन जरूरी

ईंट भट्टे क्षेत्र में कई लोगों की आजीविका का साधन भी हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि भट्टों को पूरी तरह बंद करने की बजाय पर्यावरण मानकों के अनुसार संचालित कराया जाना चाहिए। इससे रोजगार भी बना रहेगा और प्रदूषण पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा।

कार्रवाई का इंतजार

फिलहाल स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद प्रशासन की भूमिका पर नजर बनी हुई है। अब देखना होगा कि प्रदूषण नियंत्रण और भट्टों के संचालन को लेकर जिम्मेदार विभाग क्या कदम उठाता है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान निकाला जाएगा, ताकि क्षेत्र में स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण कायम हो सके।