राखी बांधने की चाहत में जान जोखिम में डाल सैलाब पार करती दिखीं बहनें, कमर से ऊपर बह रहा था पानी
अशोकनगर जिले के चंदेरी में रक्षाबंधन के पर्व पर भाई की कलाई पर राखी बांधने की बहनों की चाहत ने उन्हें उफनते पानी के बीच जाने को मजबूर कर दिया। चंदेरी से करीब 5 किलोमीटर दूर तगारी-वांकलपुर गांव के बीच बने रपटे पर बारिश का पानी कमर से ऊपर तक बह रहा है। इसके बावजूद बहनें अपने भाइयों तक पहुंचने के लिए जान जोखिम में डालकर सैलाब पार करती नजर आईं।
रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र व सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। वहीं भाई भी बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हैं। चंदेरी क्षेत्र में भारी बारिश के बीच सामने आया यह दृश्य इसी भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है।
रपटे पर कमर से ऊपर बह रहा पानी
तगारी और वांकलपुर गांव के बीच बने रपटे पर बारिश के बाद पानी का तेज बहाव बना हुआ है। पानी का स्तर इतना बढ़ गया कि कई जगह यह कमर से ऊपर तक पहुंच रहा है। सामान्य परिस्थितियों में ग्रामीण इसी रास्ते से एक-दूसरे के गांवों तक आते-जाते हैं, लेकिन बारिश के दौरान रपटा खतरनाक हो गया है।
इसके बावजूद रक्षाबंधन के दिन बहनों ने रास्ते की मुश्किल को नजरअंदाज कर दिया। भाइयों को राखी बांधने की इच्छा उन्हें पानी के बीच उतरने से नहीं रोक सकी। बहनों को इस तरह तेज बहाव के बीच जाते देख आसपास मौजूद लोगों की चिंता भी बढ़ गई।
भाई की कलाई पर राखी बांधने की जिद
बहनों के लिए रक्षाबंधन का त्योहार भावनाओं से जुड़ा होता है। साल में एक बार आने वाले इस पर्व पर भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए कई बहनें दूर-दूर से अपने मायके पहुंचती हैं। चंदेरी में भी बारिश और सैलाब के बावजूद बहनों ने इस परंपरा को निभाने का प्रयास किया।
हालांकि तेज बहाव वाले पानी में उतरना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। पानी का बहाव अचानक बढ़ने या पैर फिसलने से बड़ा हादसा होने की आशंका रहती है। ऐसे में प्रशासन और ग्रामीणों के लिए भी ऐसे रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
ग्रामीणों के लिए बनी बड़ी परेशानी
बारिश के दौरान रपटे पर पानी बढ़ने से तगारी और वांकलपुर गांव के बीच आवागमन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों के लिए यह रास्ता महत्वपूर्ण होने के कारण उन्हें रोजमर्रा के कामों के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के समय रपटे पर पानी का स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में यहां स्थायी और सुरक्षित पुल की आवश्यकता महसूस होती है, जिससे बारिश के दौरान भी लोगों का आवागमन सुरक्षित तरीके से जारी रह सके।
रक्षाबंधन के दिन सामने आया यह दृश्य जहां भाई-बहन के अटूट प्रेम की तस्वीर दिखाता है, वहीं यह बारिश के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों की आवागमन संबंधी चुनौतियों को भी सामने लाता है। ऐसे स्थानों पर पानी का बहाव कम होने तक लोगों को जोखिम लेकर नदी या रपटे को पार करने से बचना चाहिए।