14 महीने से बालाघाट में पदस्थ हैं सिंगारे, कोर्ट की अनुमति के बाद EOW की कार्रवाई
अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित अधिकारी सिंगारे पिछले करीब 14 महीने से बालाघाट में पदस्थ हैं। उनकी पदस्थापना के दौरान अर्जित संपत्ति और वित्तीय लेनदेन से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की टीम उनके संभावित ठिकानों पर दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने में लगी है।
बालाघाट में चल रही छापेमारी की कार्रवाई का नेतृत्व EOW के पुलिस उपाधीक्षक मनजीत सिंह कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई अदालत से आवश्यक अनुमति लेने के बाद की जा रही है। जांच टीम को तलाशी के दौरान मिलने वाले दस्तावेजों, संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित किया जा रहा है।
अधिकारी के अनुसार, छापेमारी का उद्देश्य संबंधित मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच करना है। टीम आय के स्रोत, संपत्ति और वित्तीय लेनदेन से संबंधित रिकॉर्ड का परीक्षण करेगी। यदि जांच के दौरान कोई संदिग्ध लेनदेन या आय के मुकाबले अधिक संपत्ति सामने आती है, तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
EOW की टीम कार्रवाई के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य सामग्री का बारीकी से परीक्षण कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में वास्तव में कितनी संपत्ति या अन्य अनियमितताएं सामने आई हैं।
फिलहाल छापेमारी की कार्रवाई जारी है और जांच एजेंसी सभी संबंधित पहलुओं की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच के निष्कर्ष और बरामद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।