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सिंहस्थ-2028 में AI से होगी सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ में संदिग्ध और गुमशुदा लोगों की पहचान में मिलेगी मदद

 

उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है। सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आधारित एप और सिस्टम का इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही है। इस तकनीक के जरिए मैदान में तैनात पुलिसकर्मियों की मॉनिटरिंग के साथ भीड़ के बीच संदिग्ध लोगों की पहचान में भी मदद मिलेगी।

जानकारी के अनुसार, AI आधारित इस सिस्टम का ट्रायल शुरू हो गया है। इसके जरिए सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के साथ पुलिसकर्मियों की तैनाती और उनकी गतिविधियों की मॉनिटरिंग की जाएगी। इसका उद्देश्य बड़े आयोजन के दौरान पुलिस बल के बेहतर समन्वय और निगरानी को सुनिश्चित करना है।

AI तकनीक की मदद से भीड़ में किसी संदिग्ध व्यक्ति, गुमशुदा व्यक्ति या पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज अपराधी की पहचान करने में सहायता मिलने की उम्मीद है। सिस्टम उपलब्ध डेटा और कैमरों से मिलने वाली जानकारी का विश्लेषण कर संबंधित व्यक्ति को तलाशने में पुलिस की मदद कर सकता है।

सिंहस्थ के दौरान उज्जैन में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और गुमशुदा लोगों को उनके परिजनों तक पहुंचाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होती है। नई तकनीक से इन चुनौतियों से निपटने में मदद मिलने की उम्मीद है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ट्रायल के दौरान सिस्टम की कार्यक्षमता और तकनीकी जरूरतों को परखा जा रहा है। ट्रायल के परिणाम और तकनीकी परीक्षण के आधार पर इसे सिंहस्थ-2028 की सुरक्षा व्यवस्था में बड़े स्तर पर लागू करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।AI आधारित निगरानी व्यवस्था लागू होने के बाद सिंहस्थ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में पुलिस की मॉनिटरिंग और भीड़ प्रबंधन के तरीके में तकनीक की भूमिका बढ़ने की उम्मीद है।