सीहोर के नगर सेठ परिवार ने ब्रिटिश सरकार से मांगी 35 हजार रुपए के पुराने वार लोन की राशि, दावे पर आगे बढ़ी प्रक्रिया
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के प्रतिष्ठित नगर सेठ परिवार ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान तत्कालीन ब्रिटिश सरकार को दिए गए 35 हजार रुपए के वार लोन की राशि वापस पाने का दावा किया है। परिवार का कहना है कि इस मामले में ब्रिटेन सरकार के लोन मैनेजमेंट ऑफिस की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और अब दावे की आगे की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
परिवार के अनुसार, ब्रिटिश अधिकारियों ने दावे की पुष्टि और आगे की कार्रवाई के लिए अतिरिक्त दस्तावेज और ऐतिहासिक साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा है।
प्रथम विश्व युद्ध के समय दिया था कर्ज
जानकारी के अनुसार, सीहोर के नगर सेठ परिवार ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सरकार की आर्थिक मदद के लिए 35 हजार रुपए का वार लोन दिया था। यह राशि उस समय युद्ध खर्चों को पूरा करने के उद्देश्य से जुटाई जा रही थी।
परिवार का दावा है कि इस लोन से जुड़े दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं और इन्हीं के आधार पर उन्होंने ब्रिटिश सरकार के सामने अपनी मांग रखी है।
ब्रिटिश लोन मैनेजमेंट ऑफिस से मिला जवाब
परिवार ने बताया कि लंबे समय से चल रही इस प्रक्रिया में अब ब्रिटेन सरकार के लोन मैनेजमेंट ऑफिस से तीन अगस्त को जवाब मिला है। इसमें दावे को लेकर आगे की प्रक्रिया के लिए कुछ अतिरिक्त दस्तावेज और प्रमाण मांगे गए हैं।
परिवार अब संबंधित दस्तावेज जुटाकर ब्रिटिश अधिकारियों को उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है।
ऐतिहासिक दस्तावेजों के आधार पर दावा
परिवार का कहना है कि उनके पास पुराने रिकॉर्ड और दस्तावेज मौजूद हैं, जिनसे यह साबित होता है कि यह राशि तत्कालीन ब्रिटिश सरकार को युद्ध के समय दी गई थी।
अब ब्रिटिश अधिकारियों की ओर से मांगे गए दस्तावेजों के आधार पर आगे की जांच की जाएगी। इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि परिवार के दावे पर अंतिम निर्णय क्या होगा।
मामले पर बनी हुई है लोगों की नजर
सीहोर के नगर सेठ परिवार का यह दावा ऐतिहासिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से चर्चा का विषय बन गया है। यदि दावा स्वीकार किया जाता है तो यह देश-विदेश में पुराने सरकारी कर्ज और ऐतिहासिक वित्तीय लेन-देन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मामला साबित हो सकता है।
फिलहाल परिवार ब्रिटिश सरकार की आगे की प्रक्रिया का इंतजार कर रहा है और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने में जुटा है।