नाली साफ नहीं करने पर सतना नगर निगम पर जुर्माना: उपभोक्ता आयोग ने माना सेवा में कमी, अतिक्रमण हटाने और 15 हजार रुपए देने के आदेश
मध्य प्रदेश के सतना जिले में नगर निगम की लापरवाही पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने सख्त फैसला सुनाया है। नाली की सफाई नहीं करने और समस्या का समाधान नहीं करने के मामले में आयोग ने नगर निगम को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए 15 हजार रुपए का जुर्माना भरने के आदेश दिए हैं। साथ ही संबंधित क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, मामला नाली की सफाई और जल निकासी की समस्या से जुड़ा हुआ था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि क्षेत्र में नाली लंबे समय से गंदगी से भरी हुई थी, जिसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम की ओर से समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और दस्तावेजों का परीक्षण किया। आयोग ने पाया कि नगर निगम की जिम्मेदारी के बावजूद सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरती गई, जिससे आमजन को असुविधा हुई।
जिला उपभोक्ता आयोग ने इसे नगर निगम की ओर से सेवा में कमी माना और आदेश जारी करते हुए नगर निगम को शिकायतकर्ता को 15 हजार रुपए की राशि अदा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा क्षेत्र में किए गए अतिक्रमण को हटाने और नाली की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है।
आयोग के फैसले के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के कई इलाकों में नालियों की सफाई और जल निकासी की समस्या बनी हुई है। लोगों ने उम्मीद जताई है कि इस आदेश के बाद नगर निगम व्यवस्थाओं में सुधार करेगा।
वहीं, नगर निगम को अब आयोग के निर्देशों का पालन करना होगा। मामले में अतिक्रमण हटाने और सफाई व्यवस्था सुधारने की कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ता आयोग का यह फैसला नागरिक सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले विभागों के लिए एक संदेश माना जा रहा है।