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सागर में 100 करोड़ से बन रहा संत रविदास लोक, 92% काम पूरा; नागर शैली में बिना लोहा-स्टील के निर्माण, नए साल में PM कर सकते हैं लोकार्पण

 

मध्य प्रदेश के सागर जिले में संत रविदास लोक का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस धार्मिक और सांस्कृतिक परिसर का 92 प्रतिशत काम पूरा होने की जानकारी सामने आई है। परियोजना की खास बात यह है कि इसका निर्माण नागर शैली में बिना लोहा और स्टील के किया जा रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद नए साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसके लोकार्पण की संभावना जताई जा रही है।

100 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा परिसर

संत रविदास लोक को संत रविदास के जीवन, शिक्षाओं और सामाजिक संदेश को समर्पित किया जा रहा है। परियोजना का उद्देश्य उनकी विचारधारा को लोगों तक पहुंचाना और आने वाली पीढ़ियों को उनके योगदान से परिचित कराना है।

करीब 100 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का 92 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद अब शेष निर्माण कार्य को अंतिम रूप देने पर जोर है। हालांकि, परियोजना की निर्धारित समयसीमा और बचे हुए कामों का विस्तृत ब्योरा आधिकारिक जानकारी से ही स्पष्ट होगा।

नागर शैली में हो रहा निर्माण

संत रविदास लोक की वास्तुकला को लेकर भी विशेष चर्चा है। इसका निर्माण पारंपरिक नागर शैली में किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परिसर के निर्माण में लोहा और स्टील का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।

नागर शैली भारतीय मंदिर वास्तुकला की प्रमुख शैलियों में से एक है। इसकी पहचान शिखर, पारंपरिक स्थापत्य रूप और धार्मिक संरचनाओं की विशिष्ट बनावट से होती है। इस शैली में परिसर का निर्माण भारतीय स्थापत्य परंपरा को दर्शाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि, निर्माण में इस्तेमाल की गई तकनीक, सामग्री और संरचनात्मक व्यवस्था के बारे में विस्तृत तकनीकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

संत रविदास के विचारों को मिलेगा मंच

संत रविदास भक्ति आंदोलन के प्रमुख संतों में गिने जाते हैं। उन्होंने समानता, मानवता और सामाजिक भेदभाव से मुक्त समाज का संदेश दिया। उनकी शिक्षाएं आज भी सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

संत रविदास लोक के जरिए उनके जीवन और विचारों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इससे श्रद्धालुओं के साथ पर्यटकों और इतिहास-संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों को भी आकर्षित करने की संभावना है।

नए साल में लोकार्पण की संभावना

परियोजना का 92 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद नए साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पण किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, लोकार्पण की निश्चित तारीख और प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

परिसर का निर्माण पूरा होने के बाद यह धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है। इससे सागर जिले की पहचान को बढ़ावा मिलने के साथ आसपास के क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल संत रविदास लोक का निर्माण अंतिम चरण में बताया जा रहा है। अब परियोजना के शेष कार्य पूरे होने और लोकार्पण की आधिकारिक तारीख घोषित होने का इंतजार है।