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मध्यप्रदेश में सफाईकर्मियों की हड़ताल तेज, शुक्रवार को जलप्रदाय बंद करने की चेतावनी; कई शहरों में बढ़ सकती है परेशानी

 

मध्यप्रदेश में सफाईकर्मियों की हड़ताल लगातार तेज होती जा रही है। वेतन 10,500 रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने, अनुकंपा नियुक्ति सहित चार मांगों को लेकर कर्मचारी पिछले दो दिनों से हड़ताल पर हैं। शुक्रवार से आंदोलन और व्यापक होने की संभावना है। भोपाल में सफाईकर्मियों के समर्थन में अन्य 25 दिवसीय कर्मचारी भी मैदान में उतर आए हैं। इससे शहर की सफाई व्यवस्था के साथ अब जलप्रदाय व्यवस्था पर भी संकट खड़ा हो सकता है।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो शुक्रवार को जलप्रदाय का काम भी प्रभावित किया जाएगा। ऐसे में लोगों को पेयजल की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

वेतन 10,500 से बढ़ाकर 25 हजार करने की मांग

हड़ताल कर रहे सफाईकर्मियों की प्रमुख मांग वेतन में बढ़ोतरी की है। कर्मचारी मौजूदा 10,500 रुपये वेतन को बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा वेतन में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। महंगाई के दौर में वेतन बढ़ाया जाना जरूरी है।

इसके अलावा कर्मचारी अनुकंपा नियुक्ति सहित चार मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

दो दिन से काम बंद, शुक्रवार से बढ़ सकता है आंदोलन

सफाईकर्मी पिछले दो दिनों से हड़ताल पर हैं। इसके कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। शुक्रवार से हड़ताल और तेज होने की संभावना है। भोपाल में सफाईकर्मियों के समर्थन में अन्य 25 दिवसीय कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल हो गए हैं।

अधिक कर्मचारियों के आंदोलन से नगर निकायों की नियमित सेवाओं पर दबाव बढ़ सकता है। सफाई व्यवस्था के अलावा पानी की आपूर्ति से जुड़े काम भी प्रभावित होने की आशंका है।

जलप्रदाय बंद करने की चेतावनी से बढ़ी चिंता

आंदोलन कर रहे कर्मचारियों ने शुक्रवार को जलप्रदाय नहीं करने की चेतावनी दी है। यदि कर्मचारी पानी की आपूर्ति से जुड़े कार्यों में सहयोग नहीं करते हैं तो शहर के कई इलाकों में पेयजल वितरण प्रभावित हो सकता है।

जलप्रदाय रोजमर्रा की सबसे जरूरी सेवाओं में शामिल है। ऐसे में हड़ताल का असर केवल सफाई तक सीमित नहीं रहने की आशंका है। लोगों को पानी की उपलब्धता को लेकर भी परेशानी हो सकती है।

सरकार और प्रशासन के सामने चुनौती

सफाईकर्मियों की हड़ताल और जलप्रदाय बंद करने की चेतावनी के बाद प्रशासन के सामने जरूरी सेवाएं सुचारु रखने की चुनौती है। एक ओर कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आम लोगों को सफाई और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रभावित होने का डर है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासन और कर्मचारियों के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या नहीं। यदि मांगों पर सहमति नहीं बनती है तो शुक्रवार से हड़ताल का असर और बढ़ सकता है।