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भोपाल के कलियासोत डैम में 'मड रैली' पर बवाल, पर्यावरणविदों ने उठाए सवाल; आयोजकों पर FIR और NGT में याचिका की तैयारी

 

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित कलियासोत डैम के वेटलैंड एरिया में आयोजित कथित 'मड रैली' और हुड़दंग को लेकर विवाद गहरा गया है। पर्यावरणविदों ने इस आयोजन पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे वेटलैंड की पारिस्थितिकी और जलीय जीव-जंतुओं के लिए गंभीर खतरा बताया है। मामले को लेकर आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग उठी है, वहीं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में याचिका दायर करने की भी तैयारी की जा रही है।

वेटलैंड में आयोजन पर उठे सवाल

जानकारी के अनुसार, कलियासोत डैम के वेटलैंड क्षेत्र में आयोजित मड रैली के दौरान बड़ी संख्या में वाहन और लोग पहुंचे। इस दौरान कीचड़ में वाहन चलाने और हुड़दंग के वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए, जिसके बाद पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों ने इस पर सवाल उठाए।

पर्यावरणविदों का कहना है कि वेटलैंड संवेदनशील पारिस्थितिक क्षेत्र होते हैं, जहां ऐसे आयोजनों से प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंच सकता है। उनका दावा है कि इससे जलीय जीव-जंतुओं, पक्षियों और अन्य वन्यजीवों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।

एफआईआर की मांग, एनजीटी का रुख

पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संगठनों ने आयोजन की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आयोजन बिना आवश्यक अनुमति या पर्यावरणीय नियमों का पालन किए किया गया है, तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

साथ ही, मामले को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में याचिका दाखिल करने की तैयारी भी की जा रही है, ताकि पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच हो सके।

प्रशासन की भूमिका पर भी उठे सवाल

इस विवाद के बाद स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। पर्यावरणविदों का कहना है कि यदि यह क्षेत्र संरक्षित या संवेदनशील श्रेणी में आता है, तो ऐसे आयोजन की अनुमति कैसे दी गई और नियमों का पालन हुआ या नहीं, इसकी भी जांच होनी चाहिए।

हालांकि, इस मामले में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों या आयोजन पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

वेटलैंड संरक्षण पर फिर छिड़ी बहस

इस घटना ने एक बार फिर वेटलैंड क्षेत्रों के संरक्षण और पर्यावरणीय नियमों के पालन को लेकर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि वेटलैंड न केवल जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए भी बेहद जरूरी हैं।

फिलहाल, कलियासोत डैम की 'मड रैली' को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई और एनजीटी में होने वाली सुनवाई पर टिकी है।