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मुरैना में रूबी गुर्जर की मौत का मामला पलटा, आत्महत्या नहीं हत्या का आरोप; 2 मिनट 27 सेकंड के ऑडियो से खुला राज

 

मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के जड़ेरुआ गांव में 10 सितंबर को रूबी गुर्जर की फांसी लगाकर मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या का मामला बताया गया था, लेकिन पुलिस जांच में सामने आए एक ऑडियो ने पूरे मामले की दिशा बदल दी है। पुलिस के हाथ लगे 2 मिनट 27 सेकंड के ऑडियो में रूबी के साथ मारपीट और उसे जान से मारने की धमकी दिए जाने से जुड़ी बातचीत रिकॉर्ड होने की बात सामने आई है।

ऑडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच हत्या के एंगल से आगे बढ़ाई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि रूबी की मौत से पहले उसके साथ क्या हुआ था और ऑडियो में दर्ज बातचीत में शामिल लोगों की भूमिका क्या थी।

10 सितंबर को फांसी पर लटका मिला था शव

जड़ेरुआ गांव में 10 सितंबर को रूबी गुर्जर की मौत की सूचना सामने आई थी। उसका शव फांसी के फंदे पर लटका मिला था। उस समय घटना को आत्महत्या से जोड़कर देखा गया। हालांकि, बाद की जांच में सामने आए तथ्यों के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल शुरू की।

रूबी की मौत के कारणों को लेकर परिजनों और पुलिस के सामने कई सवाल खड़े हुए। इसी दौरान पुलिस को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग हाथ लगी, जिसमें कथित तौर पर रूबी के साथ मारपीट और उसे जान से मारने की धमकी से जुड़ी बातचीत रिकॉर्ड है।

2 मिनट 27 सेकंड का ऑडियो बना अहम सबूत

पुलिस के अनुसार, बरामद ऑडियो की अवधि 2 मिनट 27 सेकंड है। जांच में इस रिकॉर्डिंग को महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा है। इसमें कथित तौर पर रूबी के साथ मारपीट और धमकी से संबंधित बातचीत सुनाई देती है।

अब पुलिस ऑडियो की आवाजों और उसमें बातचीत कर रहे लोगों की पहचान सहित अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। रिकॉर्डिंग की सत्यता और उसमें मौजूद बातचीत का घटनाक्रम से संबंध भी जांच का हिस्सा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ऑडियो कब रिकॉर्ड हुआ और रूबी की मौत से पहले की परिस्थितियों से इसका क्या संबंध है।

आत्महत्या से हत्या के एंगल तक पहुंची जांच

ऑडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को केवल आत्महत्या मानकर जांच करने के बजाय हत्या के एंगल से भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों को जोड़कर देख रही है।

जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि रूबी के साथ कथित मारपीट कब और कहां हुई थी। साथ ही धमकी देने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान और उनकी भूमिका की जानकारी जुटाई जा रही है।

परिजनों के बयान भी अहम

मामले में रूबी के परिजनों के बयान भी जांच के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। पुलिस घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों को आपस में जोड़ने का प्रयास कर रही है।

फिलहाल ऑडियो रिकॉर्डिंग के सामने आने के बाद रूबी की मौत का मामला गंभीर हो गया है। अब जांच का मुख्य बिंदु यही है कि 10 सितंबर को हुई मौत वास्तव में आत्महत्या थी या इसके पीछे किसी आपराधिक साजिश और हत्या की भूमिका थी। पुलिस ऑडियो समेत अन्य साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।