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2.69 करोड़ कैश और 30 लाख का सोना बरामद, IPL सट्टे-साइबर ठगी के 5.50 करोड़ के रैकेट का खुलासा

 

मध्य प्रदेश में पुलिस ने आईपीएल सट्टेबाजी और साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 2.69 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और करीब 30 लाख रुपये कीमत का सोना बरामद किया है। जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क करीब 5.50 करोड़ रुपये के लेन-देन से जुड़ा हुआ था।

पुलिस की कार्रवाई के बाद सट्टेबाजी और साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े आरोपियों में हड़कंप मच गया। जांच एजेंसियां अब बरामद रकम और सोने के स्रोत के साथ-साथ पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी हैं।

करोड़ों के लेन-देन का खुलासा

पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में नेटवर्क से करीब 5.50 करोड़ रुपये के लेन-देन से जुड़े सुराग मिले हैं। आरोपी कथित तौर पर आईपीएल मैचों पर सट्टा लगाने और साइबर ठगी के जरिए रकम जुटाने के लिए अलग-अलग माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे थे।

जांच में सामने आए वित्तीय लेन-देन के आधार पर पुलिस बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और अन्य आर्थिक गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों को आशंका है कि नेटवर्क का दायरा अभी सामने आई जानकारी से बड़ा हो सकता है।

2.69 करोड़ रुपये कैश बरामद

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 2.69 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद की। इतनी बड़ी मात्रा में कैश मिलने के बाद पुलिस ने रकम के स्रोत की जांच शुरू कर दी है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि नकदी किन लोगों से जुड़ी है और इसका इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा था। बरामद रकम को मामले में अहम साक्ष्य माना जा रहा है।

30 लाख का सोना भी मिला

नकदी के अलावा पुलिस को करीब 30 लाख रुपये कीमत का सोना भी मिला है। सोने की बरामदगी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इसे कब और किस माध्यम से खरीदा गया था।

पुलिस वित्तीय दस्तावेजों और आरोपियों से जुड़े अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि अवैध कमाई से संपत्ति जुटाने के आरोपों की भी पड़ताल की जा सके।

साइबर ठगी और सट्टेबाजी का कनेक्शन

जांच में आईपीएल सट्टेबाजी और साइबर ठगी के बीच कथित कनेक्शन सामने आया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि दोनों गतिविधियों के लिए एक ही नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा रहा था या अलग-अलग लोगों की मदद ली जा रही थी।

साइबर ठगी के मामलों में डिजिटल माध्यमों के जरिए लोगों से रकम हासिल की जाती है, जबकि ऑनलाइन सट्टेबाजी में अलग-अलग खातों और डिजिटल भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है। पुलिस अब ऐसे सभी खातों और लेन-देन की जांच कर रही है।

नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश

कार्रवाई के बाद पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश तेज कर दी है। बरामद मोबाइल फोन, बैंक खातों, दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच से नेटवर्क में शामिल लोगों की पहचान करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और वित्तीय लेन-देन से जुड़े हर पहलू की जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।

2.69 करोड़ रुपये कैश और 30 लाख रुपये के सोने की बरामदगी ने मामले को गंभीर बना दिया है। अब जांच एजेंसियों की नजर पूरे 5.50 करोड़ रुपये के कथित नेटवर्क और उसके पीछे मौजूद लोगों पर है।