सांवलिया सेठ के दरबार में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब: लदूसा मंदिर के दानपात्र से निकले 12.21 लाख रुपए
मालवा अंचल के प्रमुख आस्था केंद्र भगवान लक्ष्मीनारायण (सांवलिया सेठ) मंदिर, लदूसा में सोमवार को श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए दान की गणना की गई। मंदिर का दानपात्र खोले जाने के बाद देर शाम तक चली गिनती में 12 लाख 21 हजार 700 रुपए की नकद राशि प्राप्त हुई।
मंदिर प्रबंधन के अनुसार, इस बार दानपात्र में मिली राशि पिछले महीने की तुलना में अधिक रही, जो श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था और मंदिर में लगातार बढ़ रही धार्मिक गतिविधियों को दर्शाती है।
देर शाम तक चली दान की गणना
मंदिर परिसर में निर्धारित प्रक्रिया के तहत दानपात्र खोला गया। इसके बाद समिति के पदाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में दान की गणना शुरू हुई, जो देर शाम तक जारी रही। पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई गई।
श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था
मालवा और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु नियमित रूप से सांवलिया सेठ मंदिर पहुंचकर दर्शन करते हैं और अपनी श्रद्धा अनुसार दान अर्पित करते हैं। मंदिर में हर माह दानपात्र खोला जाता है, जिसमें प्राप्त राशि का उपयोग मंदिर के संचालन, धार्मिक आयोजनों और विकास कार्यों में किया जाता है।
पिछले महीने से बढ़ा दान
मंदिर प्रबंधन का कहना है कि इस बार दानपात्र से प्राप्त 12.21 लाख रुपये की राशि पिछले माह की तुलना में अधिक है। इससे यह संकेत मिलता है कि मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या और उनकी आस्था लगातार बढ़ रही है।
धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र
लदूसा स्थित भगवान लक्ष्मीनारायण (सांवलिया सेठ) मंदिर मालवा क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां वर्षभर विभिन्न धार्मिक आयोजन, विशेष पूजन और उत्सव आयोजित किए जाते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।
मंदिर में बढ़ते दान को प्रबंधन ने श्रद्धालुओं के विश्वास और आस्था का प्रतीक बताया है। आने वाले समय में मंदिर परिसर में सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों को भी गति देने की योजना है।