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RGPV तीन हिस्सों में बंटेगा, मध्य प्रदेश में बनेंगे तीन अलग प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय

 

मध्य प्रदेश का राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय यानी RGPV अब तीन हिस्सों में बांटा जा सकता है। मोहन यादव सरकार प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के विस्तार और विश्वविद्यालयों पर बढ़ते प्रशासनिक दबाव को कम करने के लिए मध्य भारत, महाकौशल और मालवा रीजन के लिए अलग-अलग प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय बनाने की तैयारी में है। इस संबंध में प्रस्ताव मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश में तीन अलग प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अस्तित्व में आ जाएंगे।

सरकार की इस योजना को प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। वर्तमान में RGPV प्रदेश के प्रमुख तकनीकी विश्वविद्यालयों में शामिल है और इसके अंतर्गत बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग एवं तकनीकी संस्थान आते हैं। विश्वविद्यालय के कार्यक्षेत्र का विस्तार होने के कारण प्रशासनिक स्तर पर भी काम का दबाव बढ़ा है। अलग-अलग क्षेत्रों के लिए स्वतंत्र विश्वविद्यालय बनने से संबंधित क्षेत्रों के तकनीकी संस्थानों का संचालन और शैक्षणिक गतिविधियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर तरीके से संचालित किए जाने की उम्मीद है।

प्रस्ताव के मुताबिक प्रदेश को तीन प्रमुख क्षेत्रों में विभाजित कर अलग-अलग तकनीकी विश्वविद्यालय बनाए जाने की योजना है। इसमें मध्य भारत, महाकौशल और मालवा क्षेत्र शामिल हैं। प्रत्येक विश्वविद्यालय अपने निर्धारित क्षेत्र में आने वाले तकनीकी और इंजीनियरिंग संस्थानों से जुड़े शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों को संभालेगा।

सरकार का मानना है कि विश्वविद्यालयों का विकेंद्रीकरण होने से विद्यार्थियों और कॉलेजों को कई स्तरों पर सुविधा मिल सकती है। परीक्षा, परिणाम, संबद्धता, पाठ्यक्रम और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए संस्थानों को एक बड़े विश्वविद्यालय पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। क्षेत्रवार विश्वविद्यालय बनने से निर्णय लेने की प्रक्रिया भी तेज होने की उम्मीद है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद तकनीकी शिक्षा से जुड़े कॉलेजों के लिए संबंधित विश्वविद्यालय के साथ समन्वय करना आसान हो सकता है। साथ ही स्थानीय जरूरतों के अनुसार तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने और नए पाठ्यक्रम शुरू करने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इससे क्षेत्र विशेष में उद्योगों की जरूरत के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार करने पर भी जोर दिया जा सकेगा।

हालांकि, तीन नए विश्वविद्यालयों के गठन के लिए प्रशासनिक ढांचे, संसाधनों, भवन, कर्मचारियों और वित्तीय व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी निर्णय लेना होगा। मौजूदा संस्थानों और कर्मचारियों के पुनर्गठन तथा कॉलेजों की संबद्धता को लेकर भी सरकार को विस्तृत व्यवस्था तैयार करनी होगी।

फिलहाल प्रस्ताव को मंगलवार की कैबिनेट बैठक में रखा जाना है। बैठक में सरकार प्रस्ताव के विभिन्न पहलुओं पर विचार करेगी। मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। यदि योजना लागू होती है तो मध्य प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के लिए तीन अलग-अलग विश्वविद्यालय होंगे और RGPV की मौजूदा व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

सरकार के इस कदम का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा व्यवस्था को अधिक विकेंद्रीकृत, प्रभावी और क्षेत्रीय जरूरतों के अनुरूप बनाना बताया जा रहा है। अब सभी की नजर कैबिनेट बैठक में होने वाले फैसले पर है।