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रीवा में सामान्य से 50 फीसदी कम बारिश, अब तक सिर्फ 23 इंच पानी; प्रदेश के कम बारिश वाले टॉप 5 जिलों में शामिल

 

मध्य प्रदेश के रीवा जिले में इस मानसून अब तक सामान्य से करीब 50 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। जिले में अब तक केवल 23 इंच के आसपास बारिश हुई है, जिसके चलते रीवा प्रदेश के सबसे कम बारिश वाले जिलों में टॉप-5 में शामिल हो गया है। बारिश की कमी का असर खेती-किसानी के साथ जलस्रोतों और ग्रामीण क्षेत्रों पर भी पड़ने की आशंका है।

मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के बारिश के आंकड़ों के अनुसार, रीवा में मानसून के दौरान जितनी बारिश की उम्मीद की जाती है, उसकी तुलना में अब तक काफी कम पानी बरसा है। जिले के कई इलाकों में किसानों को पर्याप्त बारिश का इंतजार है।

सामान्य से आधी बारिश

रीवा में अब तक करीब 23 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य बारिश के मुकाबले लगभग 50 फीसदी कम बताई जा रही है। लगातार बारिश की कमी के कारण जिले में मानसून का असर अन्य क्षेत्रों की तुलना में कमजोर नजर आ रहा है।

मानसून सीजन में बारिश की कमी का सीधा असर कृषि गतिविधियों पर पड़ सकता है। खासकर वर्षा आधारित खेती करने वाले किसानों के लिए पर्याप्त बारिश बेहद जरूरी है। यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो फसलों की स्थिति प्रभावित हो सकती है।

कम बारिश वाले जिलों में टॉप-5

बारिश के आंकड़ों के आधार पर रीवा मध्य प्रदेश के उन जिलों में शामिल हो गया है, जहां इस मानसून अब तक सबसे कम बारिश हुई है। कम बारिश वाले जिलों की सूची में रीवा टॉप-5 में बताया जा रहा है।

जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि मानसून अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, इसलिए आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने पर स्थिति में कुछ सुधार की उम्मीद की जा सकती है।

किसानों की बढ़ी चिंता

बारिश की कमी से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खरीफ सीजन में फसलों के लिए पर्याप्त पानी की आवश्यकता होती है। बारिश कम होने पर खेतों में नमी बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। वहीं जिन किसानों के पास सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं हैं, उन्हें ज्यादा परेशानी हो सकती है।

स्थानीय स्तर पर जलस्रोतों में भी बारिश की कमी का असर देखने को मिल सकता है। ग्रामीण इलाकों में कुएं, तालाब और अन्य जलस्रोत मुख्य रूप से मानसूनी बारिश पर निर्भर रहते हैं।

अब अच्छी बारिश का इंतजार

रीवा में अब लोगों की नजर आने वाले दिनों के मौसम पर है। अगर मानसून की सक्रियता बढ़ती है और जिले में लगातार बारिश होती है तो बारिश के आंकड़े में सुधार हो सकता है। फिलहाल 23 इंच बारिश के साथ रीवा सामान्य से करीब 50 फीसदी पीछे चल रहा है।

प्रशासन और किसान दोनों ही अच्छी बारिश की उम्मीद कर रहे हैं। आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियां जिले की बारिश की स्थिति और खरीफ फसलों के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगी।